गढ़वा :
हरफनमौला गायक स्व. किशोर की पुण्य तिथि पर गीतों से दी गयी श्रद्धांजली
गढ़वा: विश्व विख्यात संगीत जगत के हरफनमौला, बहुमुखी प्रतिभा के धनी स्व. किशोर कुमार की 36वीं पुण्य तिथि संगीत कला महाविद्यालय मैलोडी ग्रुप के तत्वावधान में संयुक्त रुप से मनायी गयी। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों एवं छात्र-छात्राओं ने स्व. किशोर दा के गीतों को गाकर उन्हे संगीतमय श्रद्धांजली अर्पित की।

कार्यक्रम का उद्घाटन सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक नीतीश कुमार निशान्त, सौरभ कुमार कौशल विभाग, दुर्गेश तिवारी, प्रो. कमलेश सिन्हा, दया शंकर गुप्ता, संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी, वरिष्ठ कलाकार विजय प्रताप देव, गोपाल प्रसाद कश्यप, कृष्ण कुमार गुप्ता, बसंत कुमार आदि ने दीप प्रज्वलित कर तथा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
मौके पर नीतीश कुमार निशान्त ने कहा कि स्व. किशोर कुमार के गीतों को हम बचपन से सुनते आ रहे है। उनके हरेक गीतों में एक अलग अंदाज मिलता है।

मेलोडी ग्रुप के निदेशक दया शंकर ने कहा कि स्व. किशोर कुमार के गीतों को गुनगुनाते हुए मैने गायकी सीखी है। वर्तमान युवा पीढ़ी के गायकों के लिए स्व. किशोर एक मार्गदर्शक के रुप में आज भी विद्यमान हैं। संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी ने स्व. किशोर कुमार को ईश्वर के द्वारा धरती पर भेजे गए कला का फरिश्ता बताया। उन्होने कहा कि उनके सुर बिना संगीत के प्रशिक्षण के सधा हुआ था। उनके गीतों को सुन कर ऐसा लगता है कि संगीत की शिक्षा ईश्वर से उन्हे प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम की शुरुआत रंजीत किशोर ने आने वाला पल जाने वाला है, रूप तेरा मस्ताना प्यार मेरा दीवाना गीत गाकर स्व. किशोर की यादों को तरोताज कर दिया।
दया शंकर गुप्ता ने जीवन से भरी तेरी आंखे मजबूर कर जीने के लिए एवं एक अजनबी हसीना से गीत गाकर श्रोताओं के कानों में मधुरता का रस घोल दिया। मोहित केशरी ने पल पल दिल के पास, आकांक्षा कुमारी के साथ देखा एक ख्वाब, गीत प्रस्तुत कर सभी को भावविभोर कर दिया। गोपाल कश्यप ने मेरे नैना सावन भादो, दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा, प्रो. कमलेश सिन्हा ने मंजिले अपनी जगह है, पूर्णिमा कुमारी एवं रंजीत किशोर ने जाने कैसे कब कहा, बसंत कुमार एवं पूर्णिमा कुमारी ने हवा के साथ-साथ, आपकी आंखों में कुछ गीत गाकर खूब वाहवाही लूटी। नुसरत प्रवीण एवं मोहित केशरी ने परदेसिया, अमृता कुमारी एवं बसंत कुमार ने जिसका मुझे था इंतजार, विजय प्रताप देव एवं कृति कुमारी ने कोरा कागज था ये मन मेरा, करवटे बदलते रहे, सुधांशु कुमार एवं आकांक्षा कुमारी ने तेरे चेहरे से नजर नही हटती, गीत गाकर सभी का मन मोह लिया।
सरिता कुमारी धर्मेद्र कुमार ने जाने जान ढूंढता फिर रहा। आराध्या सोनी एवं उन्नति सोनी ने रोते हुए आते है सब हँसता हुआ जो जाएगा, गीत बहुत ही खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया। अमित कुमार ने मुसाफिर हुँ यारों, कृति कुमारी के साथ कब के बिछड़े हुए समेंत अन्य कलाकारों ने एक से बढ़ कर एक गीत गाकर स्व. किशोर दा को याद करते हुए उन्हे संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस अवसर पर नीलेश सोनी, सुनेश विश्वकर्मा, लाल बहादुर सिंह, रितिक रौशन, प्रियंका कुमारी, परिधि कुमारी, नेहा कुमारी, राधिका कुमारी, जितेंद्र कुमार समेंत बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे।