मझिआंव : मझिआंव ,बरडीहा एवं कांडी प्रखंड के सैकड़ों पशुओ में लंपी नामक संक्रमण बीमारी से ग्रसित है। एवं कई पशुओं की मृत्यु हो चुकी है। जानकारी देते हुए पशुपालक मंडरा गांव निवासी रामविलास बैठा उर्फ मुल्हर बैठा ने बताया कि उनकी गर्भवती गाय की मृत्यु शुक्रवार को इसी लंपी बीमारी से हो गई ।जिसका कीमत लगभग 25हजार रूपये बताया जा रहा है। जबकि उनका दूसरा गाय उसी बीमारी से ग्रसित है। वही दूसरा पशु पालक अर्जुन राम ने बताया कि उसकी भी गाय की यही स्थिति है,उसके गाय के पुरे शरीर में चकता सा हो जा रहा है तथा उसमे जख्म होकर कीड़ा निकल रहा है।जिन पशु पालकों की गाय बीमार हैं उनमें राम जी राम की गाय , रामप्रीत ठाकुर की गाय ,कुरकुट गांव निवासी जिब्रील अंसारी की गाय का नाम शामिल हैं।
इधर इस संबंध में कांडी प्रखंड के पशु चिकित्सा पदाधिकारी अमित कुमार ने बताया यह रोग पशुओं में पूरे जिले भर में संक्रमण रोग हुआ है। जिसका अभी हम लोगों के पास कोई वैक्सीन नहीं है, जिसे लिखित रूप में 30हजार "गौट वैक्सीन" की मांग पशुपालन विभाग से किया गया है, वैक्सीन आने के बाद लगाया जाएगा ,साथ ही उन्होंने पशुपालकों को सुझाव देते हुए बताया कि तत्काल उन्हें नीम का पत्ता एवं उसके छाल को गर्म पानी में उबालकर ठंडा कर इस पानी से ग्रसित पशुओं को शरीर को साफ सुती कपड़ा से पुरे शरीर को पोंछने का सुझाव दिया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यह 10 -15 दिनों में संक्रामक रोग लगभग ठीक हो जाना चाहिए। साथ ही इस रोग में पशुओं को बुखार होने पर बुखार की दवा पारासिटामोल एवं विटामिन की सिरफ हिमराल देने की बात कही।
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अधिक बंधे हुए पशुओं में यह रोग उत्पन्न होता है, जो पशु चलते -फिरते चरते हैं उन्हें यह रोग कम होने की उम्मीद बताया। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के पशुओं में होने वाले रोगों को देवी का प्रकोप मानकर दवा भी करने से हिचक रहे हैं।