whatshotDeveloped by : O2OSELL.COM
💗 27275714
Loading...


अधर्मी भी चाहता है धर्म की व्यापकता का लाभ -जीयर स्वामी

location_on बंशीधर नगर access_time 19-Aug-23, 05:49 PM visibility 657
Share



अधर्मी भी चाहता है धर्म की व्यापकता का लाभ -जीयर स्वामी


दिनेश पांडेय check_circle
संवाददाता



बंशीधर नगर : श्री बंशीधर नगर-प्रखंड के पाल्हे जतपुरा ग्राम में चल रहे प्रवचन के क्रम में श्री श्री जीयर स्वामी जी ने कहा कि धर्म सिर्फ आस्था की चीज नहीं, बल्कि एक मानक भी है. धर्म की सर्व व्यापकता का समयोचित लाभ सभी प्राप्त करना चाहते हैं.जिस व्यक्ति के जीवन में धैर्य, क्षमा, दम, अस्तेय, शौच, निग्रह, धी, सत्य का भाव एवं क्रोध पर नियंत्रण हो तो वह अपने को धार्मिक समझे. मनुस्मृति में धर्म के दस लक्षण दिए गये हैं. ये लक्षण जिस व्यक्ति में विद्यमान हो उसे अपने को धार्मिक समझना चाहिये. जिन नियमों पर व्यक्ति से लेकर विश्व की व्यवस्था टिकी हुई है, उनका निस्वार्थ पालन करना सामान्य धर्म है.सृष्टिकर्ता के प्रति कृतज्ञता, भक्ति अर्पित करना मानव का परम धर्म है. श्री जीयर स्वामी जी ने कहा कि नैमिषारण्य में व्यास गद्दी पर बैठे सूत जी, श्री सुकदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाकर मुक्त किए जाने की बात कहीं गयी है.सूत जी ने मंगलाचरण करते हुए कहा कि जैसे कीमती वस्तु की सुरक्षा हेतु एक गांठ से विश्वास नहीं होता,इसलिए दूसरा गांठ बाँध दिया जाता है.उसी भाव से सूत जी ने दोबारा मंगलाचरण किया. जन्म, पालन, संहार और मोक्ष प्रदान करने वाले सर्व शक्तिमान, जिसके प्रकाश से संसार प्रकाशित है, वैसे सत्य स्वरुप का वंदन किया सत्य स्वरुप की सत्ता से अलग दुनिया के अस्तित्व की कामना संभव नहीं, वैसे भगवान वामन, नृसिंह, राम और श्रीकृष्ण के रुप में जाने जाने वाले परमात्मा का मैं वंदन करता हूँ.श्री जीयर स्वामी जी ने कहा कि धर्म की व्यापकता की परिधि का समयोचित लाभ बालक, युवा, वृद्ध, चोर, अपराधी, जुआड़ी और शराबी भी उठाना चाहते हैं. बालक जब कोई खेल खेलता है, तो दोस्तों को ईमानदारी से खेलने की नसीहत देता है. जुआ खेलने वाला भी बेईमानी नहीं करने की हिदायत देता है. शराबी भी दुकानदार को दो नम्बर का शराब नहीं देने और कीमत अधिक नहीं लेने के व्यवसाय धर्म की सीख देता है. अपराधी कभी भी अपने परिजनों को अपराधी नहीं बनाना चाहता.यानी बुरा व्यक्ति भी धर्म की दुहाई और सीख देता है. वह नहीं चाहता कि परिजन उसके मार्ग का अनुशरण करें.कैकई ने धर्म की आड़ में दशरथ जी को भगवान राम का वनगमन के लिए बाध्य कर दिया. श्री स्वामी जी ने कहा कि एक धर्म और एक परमधर्म होता है.खेती व्यापार नौकरी, मकान और दुकान बनाना-चलाना धर्म है. जिसके द्वारा संसाधन व्यवस्था मिले है, उनके प्रति प्रेम एवं आदर की भावना करना परमधर्म है. यक्ष प्रश्न की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य घर-परिवार, पुत्र पुत्री, घन-वैभव और पद-प्रतिष्ठा को अपना मानते हैं, लेकिन उन सबको देने वाले, जिनके कारण वे इस दुनिया में हैं, उनको नहीं मानना ही आश्चर्य है. जो दैहिक, दैविक और भौतिक तापों का उन्मूलन करने वाले हैं, उन्हें भूलना नहीं चाहिए. सत्य शांति है और धर्म आनन्द है. ऐसे सत्य एवं धर्म स्वरुप परमात्मा का नित्य वंदन करना चाहिये. परमात्मा धर्म के विग्रह ( मूर्त्त रूप) हैं.




Trending News

#1
कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक को 5000 रुपये की घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

location_on गढ़वा
access_time 23-Apr-25, 12:21 PM

#2
संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

#3
देर रात लूट की वारदात का पुलिस ने किया खुलासा, तीन गिरफ्तार, दो फरार

location_on गढ़वा
access_time 13-Jun-25, 03:40 PM

#4
गढ़वा में अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार, दो देसी कट्टा बरामद

location_on गढ़वा
access_time 18-Jun-25, 03:42 PM

#5
इंदिरा गांधी रोड पर युवक को गोली मारकर घायल किया गया

location_on गढ़वा
access_time 30-Jun-25, 08:41 PM


Latest News

गढ़वा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई का गठन, कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार के स्वर

location_on गढ़वा
access_time 15-Apr-26, 03:50 PM

कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण संपन्न, शिव पहाड़ी गुफा तक पहुँचा कला जत्था

location_on गढ़वा
access_time 07-Apr-26, 10:56 AM

गढ़वा के परिहारा गाँव में साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

location_on गढ़वा
access_time 01-Apr-26, 11:29 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 02:27 PM

संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में कला साधिका संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 15-Mar-26, 11:29 PM

पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच ने पूरे किए 21 वर्ष, 22वें वर्ष में प्रवेश — कला, संस्कृति और समाज सेवा का सतत अभियान जारी

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 06:58 PM

जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और आत्मविशास को बढ़ाती हैं विज्ञान, कला और शिल्प प्रदर्शनी : अजय कुमार वर्मा

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 10:51 AM

सुसंस्कारित समाज का आधार है संयुक्त परिवार : नीरज श्रीधर स्वर्गीय

location_on गढ़वा
access_time 09-Jan-26, 02:30 PM

हनुमान जी की आराधना कलयुग में सबसे सरल और विशेष फलदायी है : डॉ. टी पीयूष

location_on गढ़वा
access_time 30-Dec-25, 09:58 PM

o2osell.com का एप गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें।
Get it on Google Play