मझिआंव :
मझिआंव एवं बरडीहा प्रखंड के सभी डीलरों को राशन अगस्त माह का नहीं मिलने से लाभुकों को नहीं मिला राशन, जिससे भुखो मरने की स्थिति आ गई है।चारों ओर राशन के लिए हाहाकार मचा हुआ है।खुले बाजार में जो मोटा चावल अब प्रति किलोग्राम 40रुपये के हिसाब से खरीदने पर मजबुर हैं।जो इससे पहले लगभग 25से 26रुपये किलोग्राम मिला करता था ।
जानकारी देते हुए सहायक गोदाम प्रबंधक मुकेश कुमार पांडेय ने बताया कि अगस्त एवं सितंबर माह का एस.आई. ओ . अपलोड नहीं होने के कारण दोनों माह का राशन नहीं मिल पा रहा है जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों को। साथ ही यह भी बताया कि भारत सरकार अपना हिसाब कर रही है जो कई डीलरों के पास पहले का स्टॉक जो बचा हुआ है वह सरकार को औन लाइन दिख रहा है।
वह बचा हुआ स्टॉक को सरकार मिलान कर रही है, तथा कई डीलरों से दवा आपत्ति की मांग भी की गई है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पीएम जी वाई के तहत जो बचा हुआ डीलर के पास पहले का राशन स्टॉक है उसे मिलान नहीं होने के कारण स्टॉक का कटौती की जा रही है, तथा जो डीलर के पास पहले से स्टॉक ऑनलाइन दिख रहा है उसे डीलर को उक्त राशन को लाभुकों के बीच में हर हाल में वितरण करना है ।वही जब तक सटौक का मिलान नहीं हो जाता है ,तब तक डीलरों का राशन वितरण करने का निर्देश उपर से नहीं आता है राशन गोदाम से वितरण नहीं हो पाएगा।साथ ही श्री पांडेय ने यह भी बताया कि पिछला अगस्त 2022का पीएमजी के वाई का एस आई ओ किलियर नहीं होने के कारण तथा उपकरण के पदाधिकारी के निर्देश मिलने के बाद ही राशन मिलेगा।
इधर अगस्त माह का राशन नहीं मिलने के कारण एक तरफ महंगाई चरम सीमा पर पहुंच गई है, वहीं गरीब तबकों के लोगों को जो मोटा चावल जो राशन का चावल हुआ करता था वह चावल आज ₹40 प्रति किलो के हिसाब से खरीदने पर मजबूर हैं ,जो गरीब के बस से बाहर के चीज है। वहीं लोगों का कहना है कि 2020-21 कोरोना काल में एवं 2022 सुखा के चपेट में एवं 2023 भी सुखाड़ के चपेट में आने से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं ।वहीं दूसरी तरफ राशन नहीं मिलने से लोग भूखे मरने की नौबत आ गई है। लाभुकों के साथ-साथ राशन गोदाम के सभी मजदुरों को भी गोदाम बंद हो जाने से भुखो मरने की नौबत आ गई है। गोदाम के लेबर उसी पर आश्रित हैं,वे प्रतिदिन गोदाम खुलने के इंतजार करते देखे जाते हैं।अविलंब उपायुक्त से सभी ने इस भुखमरी की स्थिति में राशन वितरण कराने की मांग की है ।