भवनाथपुर :
प्रखंड अंतर्गत सभी नव पंचायत में"मेरी मिट्टी मेरा देश" कार्यक्रम के तहत सभी मुखिया ,पँचायत सचिव ,रोजगार सेवक दीदी बाड़ी महिलाओ की उपस्थिति में विधिवत पंचायत के प्रतिनिधियों के द्वारा 75 ,75 पौधे लगाकर की गई अमृत वाटिका की स्थापना ।
कार्यक्रम ग्राम पंचायत अरसली (दक्षिणी) के बैगाड़ीह स्थित पियहवा जल सरोवर बांध पर किया गया ,।अरसली उत्तरी में पँचायत भवन में मुखिया इसरत जहां ,सिंदुरिया में नन्दलाल पाठक ,चपरि में सेलेस चौबे ,पंडरिया में गायत्री देवी ,भवनाथपुर बेबी देवी ,मकरी में सरिता देवी ,बनसानी में इलाइची देवी ,केएलान में सुकनी देवी के द्वारा किया गया ।इस मौके पर स्कूली बच्चों एवं पंचायत के पंचायत समिति सदस्य उप मुखिया एवं कार समिति के सदस्यों ,जेएसएलपीए सखी मंडल के कार्यकर्ताओं सहित अन्य सामाजिक एवं गण मान्य लोग की उपस्थिति में देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर यह कार्यक्रम रखा गया जिसमें देश के उन बलिदानियों को याद किया गया जिनके शहादत के बदले हमें आजादी मिली इस उपलक्ष्य में सब ने अपने देश की स्वतंत्रता और संस्कृति को अक्षुण बनाए रखने के लिए शपथ लिए।
साथ ही "मेरी मिट्टी मेरा देश" मेरा मान मेरा अभिमान के तहत गांव की पवित्र मिट्टी को विधिवत पूजा पाठ कर के कलश में उठाकर पंचायत में कलश यात्रा की गई तथा उक्त कलश को भवनाथपुर प्रखंड मुख्यालय को भेजा गया।इस मौके पर सभी पंचायतों में गण्यमान्य लोंगो की उपस्थिति रही ।

सामुदायिक स्वास्थकेन्द्र में चिकित्सक व कर्मी जान हथेली पर लेकर कार्य कर रहे है गनीमत है कि अभी तक कोई अप्रिय घटना लोंगो के साथ नही घटी है ।प्रति दिन सप्ताल के छत से कंही न कहीं छत से प्लास्टर गिर रहा है गनीमत है कि जब प्लास्टर जहां गिर रहा है वँहा कर्मी नही रहते है ।
बताते चलें कि भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थकेन्द्र का ढाई लाख आबादी पर एकलौता केंद्र है जिसका भवन लगभग चार दशक पूर्व बना था ।
जिसे तीन चार वर्षों पर बराबर विभागीय मद से रिपेयर किया जाता रहा है ।परन्तु भवन काफी पुराना होने के कारण वरसात के मौषम में सीपेज होने से प्लास्टर गिर रहा है ।जिसमे भवन के अंदर ओपीडी कक्ष ,प्रभारी कक्ष ,दवा वितरण काउंटर ,जहाँ मरीज भर्ती रहते है उसके वार्ड सहित लैब कक्ष में प्लास्टर छत से कबड़ कर गिरते जा रहा है ।वन्ही तीन दिन पूर्व भी एक विशाल पेंड रात्रि में गिर चुका है जिसमे गनीमत रहा कि उस वक्त पेड़ के पास कोई वेक्ति या वाहन खड़ा नही था । जबकि खरौंधी केतार व भवनाथपुर से सैकड़ो मरीजो का सप्ताल आना जाना होता है सप्ताल में भी ढाई दर्जन कर्मी कार्यरत है ।इतने आबादी पर छोटा भवन होने के कारण दो दशक पुर्व निर्मित अधूरा भवन में ही कई कमरे को रिपेयर कर कार्य लिया जा रहा है ।
नया भवन नही बनने से सप्ताल संचालन में काफी कठिनाई विभाग को हो रही है ।
इस बावत प्रभारी डॉ रंजन दास ने बताया कि अभी मुझे पूर्ण प्रभार प्राप्त नही हुआ है ।सप्ताल कई कमरों की स्थिति जर्जर है जिसके कारण कर्मी या बाहर से आये मरीजो को बराबर दुर्घटना होने की असंका बनी हुई है इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाएगी ।