whatshotDeveloped by : O2OSELL.COM
💗 27208067
Loading...


जिस घर में शराब का सेवन, जुआ, सदाचारी व्यक्ति का अनादर हो वह घर श्मशान के समान - जीयर स्वामी

location_on बंशीधर नगर access_time 02-Aug-23, 06:25 PM visibility 660
Share



जिस घर में शराब का सेवन, जुआ, सदाचारी व्यक्ति का अनादर हो वह घर श्मशान के समान - जीयर स्वामी


दिनेश पांडेय check_circle
संवाददाता



बंशीधर नगर : - श्री बंशीधर नगर-प्रखंड के पाल्हे जतपुरा ग्राम में चल रहे प्रवचन के दौरान श्री श्री जीयर स्वामी जी महाराज ने कहा कि गंगा स्नान का मतलब अनीति, अन्याय, बेईमानी, अधर्म,पाप का त्याग से है.शास्त्र में बताया गया है कि जहां पर इस घर में,  इस समाज में, इस राष्ट्र में, जिस प्रजा में, जिस समुदाय में ईश्वर ब्रम्ह को कभी याद न किया जाता हो, कभी चिंतन न किया जाता हो, नितध्यासन न किया जाता हो, गुण गान न किया जाता हो वह घर श्मशान के समान बताया गया है. जहां पर सदाचारी,संत महात्मा, ज्ञानी स्त्रियों का आदर नही हो, बालकों को शिक्षा न दिया जाता हो वह घर श्मशान के समान बताया गया है. जहां पर जुआ खेला जाता है, शराब का व्यसन है, अनेक प्रकार खान पान उपद्रव कारी है मांस इत्यादि का सेवन होता हो वह भी घर श्मशान के समान बताया गया है. मानव पशुओं के समान भोजन, संतानोत्पत्ति करे तो मानव पशु में कोई अंतर नही.उन्होंने कहा कि भोजन तो अनेक योनियों में हम करते हैं शयन तो हम अनेक योनियों में हम करते हैं,संतान उत्पति तो अनेक योनियों में करते हैं, केवल इसके लिए इस संसार में हम जन्म नही लिए हैं. यदि इन सबके लिए इस संसार में हम आए होते तो परमात्मा हमलोगों को मनुष्य नही बनाते बल्कि इसके जगह पर और कोई जन्तु बनाते.मानव की पहचान संस्कृति है, संस्कार है. सभ्यता है, सरलता है, सहजता है, कोमलता है. यदि यह मनुष्य में न हो केवल संसार में पशुओं के समान भोजन करे, संतानोत्पत्ति करे मनुष्य और पशु में कोई अंतर नही है.उन्होंने कहा कि गलत तरीके से आयी लक्ष्मी उपद्रवकारी होती हैं.इन्हें संभालना मुश्किल होता है. लक्ष्मी का सदैव सदुपयोग होना चाहिए. जिस परिवार और समाज में लक्ष्मी का उपभोग होने लगता है, वहाँ एक साथ कई विकार उत्पन्न हो जाते हैं.अंततः वह पतन का कारण बनता है.स्वामी जी ने कहा कि आषाढ़ पूर्णिमा को व्यास जी का अवतरण हुआ था.इसीलिए इस तिथि को गुरु-पूर्णिमा मनाने की परम्परा है. व्यास जी को नहीं मानने वाले भी गुरु-पूर्णिमा मनाते हैं.स्वामी जी ने कहा कि गुरु सिद्ध होना चाहिए, चमत्कारी नहीं. जो परमात्मा की उपासना और भक्ति की सिद्धि किया हो, वही गुरु है. गुरु का मन स्थिर होना चाहिए, चंचल नहीं. वाणी-संयम भी होनी चाहिए.गुरु समाज का कल्याण करने वाला हो और दिनचर्या में समझौता नहीं करता हो. गुरू भोगी-विलासी नहीं हो. उन्होंने कहा कि गुरु और संत का आचरण आदर्श होना चाहिए. जिनके दर्शन के बाद परमात्मा के प्रति आशक्ति और मन में शांति का एहसास हो, वही गुरु और संत की श्रेणी में है. गुरु दम्भी और इन्द्रियों में भटकाव वाला नहीं होना चाहिए. गुरु सभी स्थान व प्राणियों में परमात्मा की सत्ता स्वीकार करने वाला हो.




Trending News

#1
कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक को 5000 रुपये की घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

location_on गढ़वा
access_time 23-Apr-25, 12:21 PM

#2
संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

#3
देर रात लूट की वारदात का पुलिस ने किया खुलासा, तीन गिरफ्तार, दो फरार

location_on गढ़वा
access_time 13-Jun-25, 03:40 PM

#4
गढ़वा में अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार, दो देसी कट्टा बरामद

location_on गढ़वा
access_time 18-Jun-25, 03:42 PM

#5
इंदिरा गांधी रोड पर युवक को गोली मारकर घायल किया गया

location_on गढ़वा
access_time 30-Jun-25, 08:41 PM


Latest News

गढ़वा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई का गठन, कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार के स्वर

location_on गढ़वा
access_time 15-Apr-26, 03:50 PM

कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण संपन्न, शिव पहाड़ी गुफा तक पहुँचा कला जत्था

location_on गढ़वा
access_time 07-Apr-26, 10:56 AM

गढ़वा के परिहारा गाँव में साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

location_on गढ़वा
access_time 01-Apr-26, 11:29 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 02:27 PM

संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में कला साधिका संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 15-Mar-26, 11:29 PM

पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच ने पूरे किए 21 वर्ष, 22वें वर्ष में प्रवेश — कला, संस्कृति और समाज सेवा का सतत अभियान जारी

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 06:58 PM

जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और आत्मविशास को बढ़ाती हैं विज्ञान, कला और शिल्प प्रदर्शनी : अजय कुमार वर्मा

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 10:51 AM

सुसंस्कारित समाज का आधार है संयुक्त परिवार : नीरज श्रीधर स्वर्गीय

location_on गढ़वा
access_time 09-Jan-26, 02:30 PM

हनुमान जी की आराधना कलयुग में सबसे सरल और विशेष फलदायी है : डॉ. टी पीयूष

location_on गढ़वा
access_time 30-Dec-25, 09:58 PM

o2osell.com का एप गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें।
Get it on Google Play