whatshotDeveloped by : O2OSELL.COM
💗 27180041
Loading...


मैं जमीन हूं साहब मुझे अपने मालिक का नाम दिला दो

location_on गढ़वा access_time 22-Jul-23, 08:48 AM visibility 667
Share



मैं जमीन हूं साहब मुझे अपने मालिक का नाम दिला दो


विवेकानंद उपाध्याय check_circle
संवाददाता



गढ़वा : मैं जमीन हूं साहब मुझे अपने मालिक का नाम दिला दो। मेरे एक टुकड़े के लिए लोग एक दूसरे का खून बहाने तक को नहीं चुकते हैं। यहां तक की मुझे पाने की लालसा में भाई भाई तक का खून का प्यासा बन जाता है। मैं सिर्फ धरती पुत्रों का पेट ही नहीं भरता, बल्कि ऑफिस के बाबू राजस्व विभाग के छोटे से बड़े हाकिम सबकी थैली भरता हूँ। किसका किसका नाम लूं मेरा नाम जुबान पर आते हैं, लोग मेरे नाम पर कुछ कमा लेने के लिए लार टपकाने लगते हैं। इसमें भला कौन पीछे है, थोड़ी सी झंझट हुई पुलिस मसलमैन खूब पूरी रुचि लेने लगते हैं। सभी मेरे मुरीद हैं।बावजूद मुझे ऑनलाइन के इस जमाने में मालिक की तलाश के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है? ऑनलाइन के इस नए फंदे के फांस में फंसकर मैं बरसों से अपनी पहचान के लिए छटपटा रहा हूं।
इस नूतन प्रयोग ने तो मेरा बेड़ा ही गर्त कर दिया , अजीब अजीब चक्कर है कहीं मेरे मालिक का नाम ऑनलाइन में बदल दिया गया है, तो कहीं मेरे रकबे को सिकुड़ दिया गया है सब ठीक है तो हल्का अंचल के नाम ही गलत है। क्या क्या बताऊं गलती ही गलती है ।लिहाजा सुधारने जाओ या ऑनलाइन नहीं शो हो रहा हो रहा हो तो कराने जाओ सभी में भारी चक्कर है। ऑनलाइन के नाम पर ढ़ोल तो सरकार के मुखिया से लेकर जिला व अंचल कार्यालयों में खूब पीटा जा रहा है। मंत्री से लेकर संतरी तक दरबार भी लगाते हैं। जनता दरबार से लेकर सरकार आपके द्वार कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। पर अब तक परिणाम सिफर ही साबित हुआ है। ऐसा नहीं की नजराना पेश करने में भी मेरा मालिक कभी पीछे रहता है।
बावजूद मुझे ऑनलाइन पहचान नहीं मिल पा रही है, वैसे मैं ऑनलाइन पहचान दिलाने के लिए अपने मालिक के माध्यम से कोई कोशिश नहीं छोड़ी है। मतलब पहले अंचल कार्यालयों के सामने दिखने वाले फॉर्म को खरीदा, फिर अंचल पदाधिकारी के कार्यालय में आवेदन दिए, राजस्व कर्मचारी को चिरौरी की, सीआई, सीओ सभी से मिला पर बात नहीं बनी, कभी कहा गया अभी मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है तो कभी कुछ और बहाने। थक हार कर जनता दरबार से लेकर सरकार आपके द्वार तक के कार्यक्रम में लैपटॉप पर भी कैंपों में अपनी पहचान दिलाने की इंट्री कराई ,पर आश्वासन के सिवा कुछ भी हाथ नहीं लगा। नतीजा वही ढाक के तीन पात साबित हुआ। सोचा नजराना पेश कर आसानी से काम निकाल लूंगा, पर वहां भी बात नहीं बन पा रही है।
क्योंकि ऑपरेटर से लेकर साहब तक सबको डील करना कोई छोटी बात है क्या? पहले तो हाकिमों से दफ्तर में मुलाकात ही कठिन है। दिन को जाओ तो पता चलता है कि साहब की महफिल ऑफिस में शाम 7:00 बजे के बाद सजती है। कभी मुलाकात हो भी गई तो बात बन ही जाए कोई जरूरी नहीं है।




Trending News

#1
कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक को 5000 रुपये की घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

location_on गढ़वा
access_time 23-Apr-25, 12:21 PM

#2
संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

#3
देर रात लूट की वारदात का पुलिस ने किया खुलासा, तीन गिरफ्तार, दो फरार

location_on गढ़वा
access_time 13-Jun-25, 03:40 PM

#4
गढ़वा में अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार, दो देसी कट्टा बरामद

location_on गढ़वा
access_time 18-Jun-25, 03:42 PM

#5
इंदिरा गांधी रोड पर युवक को गोली मारकर घायल किया गया

location_on गढ़वा
access_time 30-Jun-25, 08:41 PM


Latest News

गढ़वा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई का गठन, कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार के स्वर

location_on गढ़वा
access_time 15-Apr-26, 03:50 PM

कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण संपन्न, शिव पहाड़ी गुफा तक पहुँचा कला जत्था

location_on गढ़वा
access_time 07-Apr-26, 10:56 AM

गढ़वा के परिहारा गाँव में साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

location_on गढ़वा
access_time 01-Apr-26, 11:29 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 02:27 PM

संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में कला साधिका संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 15-Mar-26, 11:29 PM

पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच ने पूरे किए 21 वर्ष, 22वें वर्ष में प्रवेश — कला, संस्कृति और समाज सेवा का सतत अभियान जारी

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 06:58 PM

जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और आत्मविशास को बढ़ाती हैं विज्ञान, कला और शिल्प प्रदर्शनी : अजय कुमार वर्मा

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 10:51 AM

सुसंस्कारित समाज का आधार है संयुक्त परिवार : नीरज श्रीधर स्वर्गीय

location_on गढ़वा
access_time 09-Jan-26, 02:30 PM

हनुमान जी की आराधना कलयुग में सबसे सरल और विशेष फलदायी है : डॉ. टी पीयूष

location_on गढ़वा
access_time 30-Dec-25, 09:58 PM

o2osell.com का एप गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें।
Get it on Google Play