गढ़वा : सड़क दुर्घटना में घायल होने के साढ़े तीन माह बाद 19 जूलाई को जिला मुख्यालय गढ़वा में भाजपा के टिफिन बैठक के बहाने पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने जहां एक और भारी भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन किया वहीं दूसरी ओर अपने राजनीतिक विरोधियों पर जमकर निशाना भी साधा।

इस दौरान श्री तिवारी ने अपने चिर प्रतिद्वंदी स्थानीय विधायक व झारखंड सरकार के पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर पर तो सीधा निशाना साधा ही यहां तक कि वे अपने ही दल के पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह, सांसद बीडी राम, भाजपा नेता राजीव राज तिवारी तक को भी नहीं बक्सा। कुल मिलाकर सत्येंद्र तिवारी का साढ़े 3 महीने के राजनीतिक अज्ञातवास के बाद राजनीतिक घर वापसी अपने विरोधियों पर तीखे प्रहारमय रहा।
इसे समझने के लिए श्री तिवारी ने टिफिन बैठक के दिन जो पत्रकारों से वार्ता की है तथा बैठक के दौरान बोला है, उससे साफ जाहिर होता है।

श्री तिवारी ने पत्रकार वार्ता के दौरान एक ही साथ पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर तथा गिरिनाथ सिंह पर हमला बोलते हुए बगैर नाम लिए इशारों इशारों में कहा कि भैया जी और राजा साहेब के बीच मैच फिक्सिंग चल रहा है, इसका खुलासा वे गांव-गांव जाकर लोगों के बीच करेंगे कि भैया जी और राजा साहब ने मिलकर गरीबों का हक कैसे छीना है।
श्री तिवारी ने अपने ही दल के गिरिनाथ सिंह तथा झामुमो के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के बीच सांठ-गांठ के पीछे का तर्क देते हुए रंका में प्रस्तावित महाविद्यालय के निर्माण के लिए शिवनाला के जमीन का मामला उठाया तथा कहा कि वहां चंद्रवंशी तथा साहू परिवार जो काफी गरीब है, उनका साढ़े तीन एकड़ मालबंधी तथा 6 एकड़ बरसों से जोतकोड़ करने का जमीन है, उस पर जबरन लूटने के उद्देश्य से कालेज निर्माण कराने का बात चल रहा है, जबकि वहां पर 25 एकड़ राजा साहेब ने जमीन कब्जा कर माल बंधवा कर बाउंड्री किया है।
साथ ही 7 एकड़ एक दूसरे ऐसे ही परिवार के लोगों के द्वारा माल बंधी करा कर जमीन कब्जा किया गया है। पर उक्त जमीन पर कालेज निर्माण की बात ना कर भैया जी चंद्रवंशी तथा साहू परिवार के गरीब लोगों के जमीन पर कॉलेज निर्माण कराने की बात कर जमीन हड़पना चाह रहे हैं। पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आरोप लगाया है कि यदि भैया जी तथा राजा साहेब के बीच मिलीभगत नहीं है तो भैया जी ने उक्त राजा साहेब के जमीन के विरुद्ध अपनी आवाज क्यों नहीं उठाया।
श्री तिवारी ने दूसरा उदाहरण देते हुए कल्याणपुर में स्थित गोपीनाथ सिंह महिला महाविद्यालय का मुद्दा उठाया तथा कहा कि उन्होंने विधानसभा में यह मामला उठाया था जिसमें एक ही भवन को डिग्री तथा इंटर का दिखला कर 16 करोड़ अनुदान सरकार से ले लिया गया था।
इस पर भैया जी के द्वारा शिक्षा विभाग से मिलीभगत कर 16 करोड़ के जगह पर दो करोड़ रुपए राशि ही सरकार को लौटाया गया। इससे बड़ा दोनों के बीच मिलीभगत का और क्या उदाहरण हो सकता है?
श्री तिवारी ने टिफिन बैठक के बाद अपने पार्टी के राजनीतिक विरोधियों पर भी सीधा हमला किया। उन्होंने कहा राजीव राज तिवारी जो इनके ही पार्टी से ही है पर बंदूक राइफल लेकर भैया जी के सहयोग से घूम रहे थे। भैया जी ने जब सहयोग ड्राप कर लिया तो अब नजर नहीं आ रहे हैं। इसी तरह से उन्होंने स्थानीय व्यक्ति को पलामू का सांसद बनाए जाने की वकालत कर बीडी राम तक को नहीं बक्सा।
श्री तिवारी ने मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के विकास पर भी सीधा हमला किया तथा कहा कि मंत्री पानी का मंत्री हैं पर विकास की बात सड़क का करते हैं।
उन्होंने कहा कि दरअसल उनके कार्यकाल में जो गढ़वा विधानसभा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना राज्य संपोषित योजना तथा पथ निर्माण विभाग की सड़कों का जो निर्माण कराया था उसका 5, 7, 8 वर्ष बीत गए जिसके बाद स्वत: वैसे सड़कों का प्रक्रिया के तहत जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, इसमें मंत्री का कोई योगदान नहीं है, फिर भी सड़क निर्माण कराने का ढिंढोरा पीट रहे हैं।
श्री तिवारी ने आरोप लगाया कि जो मंत्री का विभाग पेयजल का मामला है इस मामले में वह पूरी तरह से फेल है, क्योंकि न तो गढ़वा शहर के लोगों को अब तक पानी सभी इलाके में मिला ना गांव के ही लोगों की प्यास बुझ पा रही है।
टिफिन बैठक के बहाने सत्येंद्र नाथ तिवारी ने जिस प्रकार से अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के उद्देश्य से विरोधी दलों के नेता पर तो वार किया है, मगर अपने ही दल के नेताओं पर सीधा हमला किया है।
उससे साफ जाहिर होता है की पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को किसी भी सूरत पर बक्सने के मूड में नहीं हैं।