बंशीधर नगर : -प्रखंड कार्यालय के सभागार में सोमवार को प्रखंड के मतदान केंद्र संख्या 180 से 224 तक कुल 25 मतदान केंद्रों के बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.प्रशिक्षण के क्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रवण राम ने सभी बीएलओ को आगामी 21 जुलाई से डोर टू डोर जाकर बीएलओ रजिस्टर के माध्यम से मतदाताओं का सत्यापन करने का निर्देश दिया.उन्होंने कहा कि मतदाताओं के घर पर स्टीकर चिपकाते हुये अगले भ्रमण की तिथि भी अंकित करेंगे.उन्होंने कहा कि आपके कार्यों का पर्यवेक्षण बीएलओ पर्यवेक्षक द्वारा किया जायेगा. इस दौरान सभी योग्य नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने हेतु फॉर्म 6 प्राप्त करना है. प्रशिक्षण कार्यक्रम में कंप्यूटर ऑपरेटर मुखलाल उरांव, बीएलओ पर्यवेक्षक प्रशांत कुमार, उत्तम रंजन, पंचायत सचिव अमन केशरी, सीमा कुमारी, बीएलओ रेखा देवी, रंजना देवी, कांति देवी,ममता देवी सहित अन्य उपस्थित थे.
मुखिया ने किया पीसीसीपथ का शिलान्यास
प्रखंड के कोलझीकी पंचायत अंतर्गत कोइन्दी ग्राम में मुख्य पथ से संतार यादव के खेत तक 15वें वित्त मद की राशि एक लाख निन्यानबे हजार की लागत से बनने वाले पीसीसी पथ निर्माण कार्य का शिलान्यास मुखिया सुनीता देवी ने नारियल फोड़कर किया. इस अवसर पर मुखिया सुनीता देवी ने कहा कि गाँव की सड़क निर्माण से गांव का विकास होता है. इस सड़क के बन जाने से सड़क पर चलने वाले ग्रामीणों को सुविधा होगी.ग्रामीणों ने कहा कि सड़क नहीं होने के कारण हम सभी ग्रामीणों को बरसात के दिनों में पैदल चलने में काफी परेशानी हो रही थी.अब इस सड़क के बन जाने से हमारी समस्या दूर हुई. ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया सुनीता देवी को सड़क निर्माण कराने के लिये धन्यवाद दिया.मौके पर बशारत अंसारी,सद्दाम अंसारी,संतार यादव,द्वारिका भुइंया,सफदर अली ,रहमत अली
,नुरेमोजशम,औरंजेब अंसारी,महबूब अंसारी,
,सुरेश चंद्रवंशी,विनय भुइंया,बिशुन सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
हमारे द्वारा किये हुए कर्मों का फल सुख और दुख के रूप में प्राप्त होता है: जीआर स्वामी
-हमारे द्वारा किये हुए कर्मों का फल सुख और दुख के रूप में प्राप्त होता है.उक्त बातें स्वामी जी महाराज ने पाल्हे जतपुरा ग्राम में प्रवचन के दौरान कही.उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमारे चाहने के बाद भी दुख हमारा पीछा नहीं छोड़ता है,ठीक उसी प्रकार से हम नहीं भी कामना करेंगे तो हमारा सुख और आनंद हमारे पास रहेगा. जैसे हम दुख के लिए प्रयास नहीं करते हैं, उसी प्रकार सुख के लिए भी हमें प्रयास नहीं करनी चाहिए. हमें अपने कर्तव्य व कर्म को अच्छा करना चाहिये.उन्होंने कहा कि
लज्जा हमारी राष्ट्र की संस्कृति है. जहां लज्जा नहीं रहती है वहां सब कुछ रहने के बाद भी कुछ रहने का औचित्य ही नहीं बनता है. लज्जा मानव की गरिमा है.अगर इसे संस्कृति से हटा दिया जाये तो पशु और मनुष्य में कोई अंतर हीं नहीं रह जायेगा.उन्होंने कहा कि लोग विवाह से पहले ही पत्नी के साथ फोटो खिंचवा कर दूसरे को , मित्र को भेज देते हैं.मनुष्य को गरिमा और लज्जा ( शर्म ) का ख्याल रखना चाहिए. यहीं कारण है कि हम संस्कृति को भूल जाने के कारण सभी साधन रहने के बाद भी निराश हैं.उन्होंने कहा कि भक्तिपूर्वक परमात्मा का ध्यान करना ही श्रेष्ठ प्रायश्चित है.मन द्वारा, वाणी द्वारा, शरीर द्वारा भक्तिपूर्वक परमात्मा का ध्यान करते हुए उनके नाम गुण, लीला, धाम इन चारों का जो उपासना करता है,यह श्रेष्ठ प्रायश्चित है. यह जितना श्रेष्ठ प्रायश्चित है उतना श्रेष्ठ प्रायश्चित यज्ञ, दान, तप भी नही है. यज्ञ, दान, तप करने वाला हो सकता है उसके पापों का मार्जन न हो, लेकिन जो मन से वाणी से पवित्र होकर नाम गुण, लीला, धाम इन चारों का जो भावना करता है, यहीं सबसे श्रेष्ठ प्रायश्चित है.
भागवत कथा अनुष्ठान से सुनने पर कल्याण होता है.कथा सुनने के समय संसारिकता से अलग एकाग्रचित्त होने पर फल प्राप्ति होती है.भगवान की कृपा होने पर पति-पत्नी में मधुरता रहती है. यदि पत्नी कर्कशा हो और घर में बच्चों की किलकारी भी नहीं हो, तो सुख-शांति नहीं रहती. उन्होंने कहा कि जो पाप दुराग्रह के साथ हो, वह महापाप है. ब्राह्मण, गाय, परिजन और महापुरुषों की हत्या और विश्वासी के साथ विश्वासघात करना महापाप की श्रेणी में आता है. शराब पीने, जुआ खेलने, हत्या करने और न्यायालय में मुकदमा करने वाले की सम्पति प्रायः नष्ट हो जाती है.इन कारणों से प्राप्त गरीबी का समाज उपहास करती है, क्योंकि अपनी गरीबी और बेबसी का कारण भी ये स्वयं होते हैं. ऐसे लोगों के प्रति किसी का दयाभाव नहीं होता. ये साधन का दुरुपयोग और दुराग्रह युक्त पाप के भागी होते है. उन्होंने कहा कि मांस, मनुष्य के लिए उचित नहीं. मांस खाने के लिये परपोषी जीवों का कुतर्क नहीं देना चाहिए. मुनष्य के शरीर की संरचना परपोषी जीवों से अलग है.अगर मुनष्य छः माह कच्चा माँस खा ले तो चर्म रोग के साथ ही उसका पाचन तंत्र बुरी तरह कुप्रभावित हो जाएगा.अपने स्वार्थ और गलत इच्छा की पूर्ति के लिए कुतर्क का सहारा नहीं लेनी चाहिए.
बाबूलाल मरांडी को भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष बना कर भुल की है -ईश्वरी चौधरी
श्री बंशीधर नगर-भारतीय जनता पार्टी एक सोची-समझी साजिश के तहत झारखंड राज्य को बर्बाद करना चाहती है. बाबूलाल मरांडी तत्कालीन मुख्यमंत्री रहते हुए झारखंड के सभी समुदायों को अपनी राजनीति चमकाने के लिए डोमिसाइल की आग में झोंक दिया था, जिससे सभी वर्गों के छात्र छात्राओं को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था .इसे पूरे राज्य के लोग जानते हैं. उक्त बातें कांग्रेस सेवा दल के जिला मुख्य संगठक सह प्रखंड बीस सूत्री के उपाध्यक्ष ईश्वरी चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है.उन्होंने कहा है कि ये वही बाबूलाल है जो कभी कसमें खाते थे -मैं मर जाऊंगा लेकिन भाजपा में नहीं जाऊंगा ,लेकिन पद और कुर्सी की लालच ऐसी होती है की इंसान को कहां से कहां पहुंचने व घुटने टेकने पर मजबूर कर देती है. बाबूलाल मरांडी की मनसा को कांग्रेस पार्टी कभी सफल नहीं होने देगी .जो राज्य को ठीक ढंग से नही चला सके, इनके साथी लोग ही इनकी सरकार गिरा दिये. उन्होंने कहा है कि राज्य में इनसे नाकाम व्यक्ति कोई हो ही नहीं सकता .झारखंड राज्य के विकास के लिए कांग्रेस पार्टी संकल्पित है और भविष्य में भी झारखंड राज्य के छात्र-छात्राओं ,गरीब किसान मजदूरों के साथ पूरी मजबूती के साथ कांग्रेस पार्टी खड़ी है.