भवनाथपुर : जेवर बर्तन व्यवसायी सह भवनाथपुर व्यवसायिक संघ के सदस्य श्रीराम सेठ का देहांत रविवार को किडनी फेल होने से हो गया
इस मार्मिक क्षणों में भवनाथपुर व्यवसायिक संघ की ओर से शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें 2 मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई
इस मौके पर भवनाथपुर व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि स्वर्गीय श्री सेठ जी बहुत ही सरल एवं मृदुल भाषी व्यक्तित्व के साथ साथ समाजसेवी थे उनका इस प्रकार से जाना हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है इस दुख की घड़ी में पूरे व्यवसायिक संघ स्व. श्री सेठ के परिवार के साथ खड़ा है उन्होंने कहा की मृत्यु अटल है यह सबको आना सुनिश्चित है इस कठोर सत्य को हम सभी को स्वीकार करना चाहिए
वहीं भवनाथपुर व्यवसायिक संघ के सचिव नवल किशोर प्रसाद ने ओम नमो भगवते वासुदेवाय एवं ओम शांति का पाठ करा कर मृतक की आत्मा शांति के लिए प्रार्थना की
इस मौके पर वेवसाई संघ के कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश आर्य,संजय गुप्ता, अमरेश ठाकुर, बिरबल चन्द्रवंशी, सुग्रीव चन्द्रवंशी, मनोज सेठ, अरूण सेठ, राकेश चन्द्रवंशी, रविप्रकाश, अनिल गुप्ता, राजकिरन, मृत्युंजय गुप्ता, परमानंद गुप्ता, साकेत गुप्ता, परदेशी सेठ,विजय गुप्ता, अशोक सोनी, सोनू विश्वकर्मा, मुरारी सोनी, निरंजन सोनी, शंभु सेठ, राजेश सोनी, विकास, दिनेश चन्द्रवंशी,सुधीर,गणेश उरावं, पप्पू,शिवपूजन राम, धर्मेन्द्र सिंह सहित लोग उपस्थित थे

इंस्पेक्टर कृषणा कुमार ने सोमवार को भवनाथपुर थाना का अवचक निरीक्षण किया ।
निरीक्षण के दरम्यान थाना के सभी अभिलेखों को बारी बारी से अवलोकन किया व अपराध से सम्बंधित प्रभारी रामेश्वर उपाध्याय को आवश्यक निर्देश दिया तथा चोरी की घटना पर अंकुश लगाने के लिए लगातार गस्ती दल भर्मण का आदेश दिया ।तथा आये दिन सड़क दुर्घटना को देखते हुए वाहन जांच व विभिन्न स्कुलो में छात्रों को सड़क सुरक्षा यातायात के प्रति जागरूक करने के पुलिस पदाधिकारियों द्वारा करने का निर्देश दिया गया ।इस मौके पर थाना के प्रभारी रामेश्वर उपाध्याय ,एस आई सहदेव साह ,कुंदन यादव ,प्रभु राम ,अभिमन्यु सिंह ,मकबूल अंसारी ,उपेंद्र कुमार सहित लोग शामिल थे।
उपायुक्त के सख्त आदेश के बावजूद प्रखण्ड कर्मीयों के द्वारा आदेश के धता बताते हुए प्रखण्ड कार्यालय में गाड़ी खड़ा कर रहें हैं।
आपको बता दें कि गढ़वा पूर्व उपायुक्त रमेश घोलप ने पिछले 10 जनवरी को प्रखण्ड एवं अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान प्रखण्ड कर्यालय सह अंचल भवन के गैलरी में खड़े गाड़ी को देख कर भड़क गए थे और बीडीओ को फटकार लगाते हुए गाड़ी को बाहर में खड़ा कराने का आदेश दिया था। आदेश के आलोक में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी जयपाल महतो ने बाहर गेट के पास बड़े-बड़े एवं साफ शब्दों में बोर्ड लिखा गया है
"कार्यालय के अंदर वाहन का प्रवेश वर्जित है*
बावजूद कर्मियों के द्वारा गाड़ी को अंदर खड़ा किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक बता दूं कि केतार में भी उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान कार्यालय में खड़े गाड़ी को पुलिस बुला कर गाड़ियों को थाना में जब्त करा दिया गया था।
इस संबंध में पूछे जाने पर बीडीओ जयपाल महतो ने बताया कि जो भी कर्मी गाड़ी प्रखण्ड कार्यालय में लगाए हैं चिन्हित कर के कारवाई करेंगे।
मुख्य पथ के एक दर्जन जगहों पर बिना निबंधन के खुलेआम मिट मटन मछली का दुकान संचालित हो रहा है जिस से आम अवाम के साथ साथ सबसे बड़ी समस्या छोटे बड़े स्कूली छात्र छात्राओं के साथ भी है बताते चले कि भवनाथपुर मुख्य पथ के तालाब के पास, कर्पूरी चौक, थाना मोड़ हाई स्कूल के पास, खरौंधी मोड़, पड़वा चट्टान, टाउनशिप में सहित जगहों मिट मुर्गा का दुकान संचालित हो रहे हैं। परन्तु इस पर कोई भी प्रसाशनिक पदाधिकारी का अब तक अबतक ध्यान आकृष्ट नही हुआ है जबकि आये दिन प्रसाशनिक पदाधिकारी उक्त दुकान के सामने से अपनी सरकारी गाड़ियों से आते जाते है ।

चिकेन दुकानदार सरकार के गाइड लाइन का उड़ा रहे धजिया*
भवनाथपुर में संचालित सभी चिकेन दुकान के दुकानदारों द्वारा सरकार के गाइडलाइन के धज्जियां उड़ा रहे हैं दुकानदारों द्वारा मुख्य सड़क के किनारे खुले में मटन, चिकेन, मछली का काट कर बेचा जा रहा है जिससे काफी दुर्गन्ध भी निकलता है और मिट मुर्गा के अवसेस को नदी में बहा दिया जाता है जबकि नदी के पानी का लोंगो के द्वारा उपयोग पर्व त्यौहार, दाहसंस्कार में करते है। खुले में चिकेन, मटन, मछली को कटते एवं उस पर मछि भिनकते देख छोटे-बड़े स्कूली बच्चे एवं राहगीरों पर मानसिक विकृति एवं बैक्टेरिया से बीमारी फैलने की असंका बनी रहती है।
*क्या है सरकार की गाइडलाइन*
दुकानका फर्श पत्थर या सीमेंट का होना चाहिए।
दुकान की दीवार पर भी प्लास्टर होना चाहिए
मीट फ्लाई प्रूफ अलमीरा में रखना है।
दुकान में अच्छी नाली और पर्याप्त पानी की व्यवस्था
दुकान को बूचडख़ाना के रूप में इस्तेमाल नहीं होगा
मीट के अवशिष्ट, हड्डी रखने के लिए गोदाम की व्यवस्था
गोदाम की दिन में एक बार अच्छे से सफाई करनी है।
दुकान का आवासीय उपयोग नहीं, पशु को भी नहीं।
मीट, मुर्गा काटने वाला औजार साफ रहना चाहिए।