भवनाथपुर :
भवनाथपुर सुरक्षित वन क्षेत्र के बरवारी जंगल से तोड़े हुए अवैध गिट्टी की ट्रैक्टर से ढुलाई किये जाने की सूचना पर शनिवार की रात्रि में छापेमारी करने गये आधा दर्जन वनकर्मियों के द्वारा एक ग्रामीण की पिटाई किये जाने से आक्रोशित होकर बरवारी के ग्रामीणों ने चार वनकर्मियों को पकड़कर दो घंटे तक बंधक बनाये जाने की सूचना है।
हलांकि इस दौरान अन्य वनकर्मी ग्रामीणों के चंगुल से भागने में सफल हो गये। बाद में वनकर्मियों द्वारा मिले सूचना पर पहुंचे भवनाथपुर थाना के एएसआई रब्बुल अंसारी सबदलबल के साथ पहुंचकर ग्रामीणों को समझा-बुझाकर बंधक बने कर्मियों को छुड़ाकर ले आये। साथ ही दोनों पक्षों को थाना बुलाया गया है।
जिन्हें ग्रामीणों ने बंधक बनाया था उनमें ओमप्रकाश उरांव,सचित कच्छप,विकास कुमार तथा राकेश कुमार का नाम शामिल है।
इसकी पुष्टि करते हुए थाना के एएसआई रब्बुल अंसारी ने करते हुए बताया कि सूचना पर हम बरवारी गये थे,जहां पर ग्रामीण के पिटाई के विरोध में बंधक बनाए गए चार वनकर्मीयों को छुड़ाकर लाया था और दोनों पक्षों को थाना पर बुलाया था,
।बताते चले कि गुप्त सूचना पर बाइक पर सवार होकर सिविल ड्रेस में सात वनकर्मी छापेमारी करने पहुंचे थे ।इस दौरान रात्रि में मोबाइल का लाइट जलाने से नाराज होकर एक वनकर्मी द्वारा बरवारी निवासी दयानंद यादव की पिटाई कर दिया,जिससे आक्रोशित बरवारी के ग्रामीणों ने वनकर्मियों को बंधक बना डाला।
इस मामले में बरवारी निवासी दयानंद यादव ने बताया कि वन विभाग की टीम शनिवार की रात्रि में समय लगभग 8 बजे 7 बाईक के साथ गिट्टी से लदा हुआ ट्रैक्टर के साथ में गांव से जा रहे थे, हमलोग अपने घर के पास टहल रहे थे इसी बीच में मोबाइल का लाइट जलाकर पहचान करने की कोशिश की कौन आदमी है तभी अचानक बाईक से उतरकर वन विभाग की टीम ने हमें पकड़कर पिटाई करते हुए एक किलोमीटर दूर ले जाकर बंधक बनाकर रखा जब तक गिट्टी लदा हुआ ट्रैक्टर भागा नही। इसी बीच वन विभाग और ट्रैक्टर मालिक से ट्रैक्टर छोड़ने के लिए 60,000 रूपये सौदा किया गया रात्रि में ही 40,000 रूपये मो खाते में लिया और बाकी 20,000 रूपये सुबह में समय 7 बजे तक देने के शर्त पर ट्रैक्टर को छोड़ा गया। आपको बताते चलें कि भवनाथपुर प्रखंड सुरक्षित वन क्षेत्र के विभिन्न जंगलों, पहाड़ों, नदियों से अवैध रूप लकड़ी, पत्थर, बालू,गिट्टी का ढुलाई किया जा रहा है।
इसमें वन विभाग की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इस बाबत रेंजर प्रमोद ठाकुर से पूछे जाने पर बताया कि घटना की जानकारी नही है ।
जबकि खबर लिखे जाने तक किसी पक्ष के द्वारा भवनाथपुर थाने में लिखित शिकायत नही की गई है ।