भवनाथपुर :
प्रखंड क्षेत्र के मकरी पंचायत के बरवारी गांव में पीएचडी विभाग से नल-जल योजना के तहत निर्माणाधीन जलमीनार योजना में संवेदक द्वारा बरती जा रही अनिमियत्ता उजागर होने पर योजना के निर्माण कार्य पर जिला परिषद रजनी शर्मा ने रोक लगा दी। योजना के निर्माण में लगे मजदूर और साईडिंग सुपरवाइजर राजकुमार राम को योजना के ठेकेदार को विभाग के पदाधिकारी के साथ योजना के स्टीमेट लेकर आने के बाद ही काम लगाने का निर्देश दिया।
ग्रामीणों की शिकायत पर स्थल जांच करने पहुंची जिला परिषद सदस्य को सुनील सिंह,गोरख प्रसाद यादव,विजय तुरिया,अनिल तुरिया,शिवकुमार तुरिया,सहित ग्रामीणों ने बतलाया कि ठेकेदार व विभाग की मिलीभगत से योजना में मनमानी तरीके से गुणवत्ता को दरकिनार कर कार्य करा रहा है,और जब घटिया कार्य का ग्रामीण विरोध करते हैं,तो तानाशाही रवैया अपनाकर झूठा केस में फंसाने की धमकी देता है।
सभी ने कहा कि योजना में बोर 130-35 फिट कराया जा रहा है,वहीं चार फीट के बजाय एक फीट गहरा पाईप डालकर पानी की सप्लाई किया जा रहा है। साथ ही बगल के नाले से निकासी किया गया बालू और निम्न गुणवत्ता वाला गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा,जिससे योजना गुणवत्ता प्रभावित हो रहा है। जबकि मजदूर राजकुमार तुरिया और सरिता कुमारी ने संवेदक पर योजना में काम कराने के बाद मजदूरी नहीं देने का आरोप लगाया।
जिसपर जिला परिषद सदस्य ने इसकी लिखित शिकायत जिला परिषद अध्यक्ष और डीडीसी गढ़वा से करके जांच टीम गठित करके निर्माणाधीन योजना की जांच कराने की मांग करेंगें।
जिला परिषद सदस्य रंजनी शर्मा ने बताया कि भवनाथपुर प्रखंड अंतर्गत मकरी के बरवारी गांव में पीएचडी विभाग ने नल-जल योजना के तहत हर घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से 14-14 लाख रुपये की लागत से दस जलमीनार का निर्माण करवा रही है।
जिसमें संवेदक द्वारा विभाग की मिलीभगत से भारी अनिमियत्ता बरत रही है,जिससे जलमीनार की गुणवत्ता प्रभावित हो रहा है।