बंशीधर नगर :
युग पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के अनुयायियों द्वारा जंगीपुर स्थित सत्संग उपासना केंद्र उर्जीतपा के प्रांगण में सोमवार की शाम विनती प्रार्थना सह वनभोज का आयोजन किया गया।
इसका शुभारंभ दीप प्रज्वलित व विनती प्रार्थना के साथ किया गया। कार्यक्रम समापन के पूर्व अनुश्रुति ग्रंथ, शाश्वती ग्रंथ एवं पथेर कड़ी ग्रंथ का पाठ कर समवेत नाम जप किया गया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे ऋत्विक विजय नंदन सिन्हा ने श्री श्री ठाकुर जी के बातों को स्मारित करते हुए कहा कि वन हमारी प्राकृतिक संपदा है। वन से ही प्रत्येक जीव का जीवन सुलभ रहता है। इसलिए जंगल, पर्वत, पठार व झरना के बीच जाकर भोजन करना एक अच्छा कार्य है।
प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखना हम मानवों का कर्तव्य है। वन को प्राकृतिक औषधि का केंद्र माना जाता है। वन में विभिन्न प्रकार के जड़ी-बूटी एवं प्राकृतिक दवाइयां मिलती हैं। इसलिए कहा जाता है कि वन में रहने वाले प्राणी का जीवन अच्छा होता है तथा वे दीर्घायु होते हैं। संध्या कालीन विनती प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। वनभोज में उपस्थित लोगों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। मौके पर शक्ति दास सिन्हा, धृति दा, अंकित कुमार, अजय दा, संजय मेहता, अखिलेश दा, उत्कर्ष सिन्हा, लक्ष्य सिन्हा, धृत्ति दीप सिन्हा, प्रीति सिन्हा, मधु, दीपमाला, सतवंती देवी, प्रभा देवी, वृंदा देवी सहित अनेक गुरु भाई-बहन उपस्थित थे।