भंडरिया : भंडरिया प्रखंड के कंजिया गांव में अखिल भारतीय आदिवासी महासभा प्रखंड ईकाई द्वारा रविवार को विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का प्रारंभ नगाड़ा बजाकर की गई । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के केंद्रीय कमेटी सदस्य राजेश मिंज ने कहा कि आदिवासी देश की असली मूलवासी हैं। इसके बावजूद भी विभिन्न राज्य सरकार के द्वारा आदिवासी पहचान को समाप्त करने की दिशा में काम की जा रही है। आदिवासी के हक एवं अधिकार को नजर अंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टी में के द्वारा आदिवासियों की आदिवासीयत समाप्त करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है और आदिवासियों को वनवासी नाम दिया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है।
कुछ बौद्धिक आदिवासी लोग इन्हीं षड्यंत्रकारी पार्टियों के साथ मिलकर आदिवासी को समाप्त करने की राग अलाप रहे हैं, जो शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि गुलाम भारत को आजाद करने के लिए आदिवासियों ने अंग्रेजी हुकूमत के साथ जमकर लड़ाई लड़ा और शहीद भी हो गए। नतीजतन आज देश आजाद हो गया है, पर आदिवासियों की पूरी अधिकार और सम्मान अभी तक नहीं मिल सका है। अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ आदिवासी के लड़ाई आदिवासी वीर शहीदों के कोई चर्चा भारतीय इतिहास में नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि देश के आदिवासियों को अपने हक अधिकार के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता है ।
महासभा के प्रखंड अध्यक्ष केश्वर केरकेट्टा ने कहा कि वीर शहीदों का सम्मान करते हुए आदिवासी अपने रीति रिवाज संस्कृति आदि को बचाए रखने की आवश्यकता है।
गैर आदिवासी लोग आदिवासी के हक अधिकार को छीनने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी संस्कृति को उखाड़ फेंकने की साजिश चल रही है, उन्होंने कहा कि आदिवासी विरासत को बचाए रखने के लिए आदिवासियों को गोलबंद होने की जरूरत है । झारखंड सरकार के द्वारा एससी एसटी ओबीसी को ठेकेदारी दिए जाने का फैसला सरकार के द्वारा अच्छी पहल है।
कार्यक्रम में उपस्थिति लोगों के बीच सैकड़ों मास्क का वितरण किया गया। कार्यक्रम में वैश्विक महामारी कोरोना के लेकर लोक डाउन के नियमों का पालन करते हुए, सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखा गया।
कार्यक्रम में तिमोथीयुस कुजुर, मुखिया सुशीला केरकेट्टा,करचाली मुखिया सूर्यमणि तिर्की, राजेश कुमार, सुनीत मिंज, हरिदास तिर्की, शिलानंद तिग्गा सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।