गढ़वा :
26 अक्टूबर को के के यादव अध्यक्ष एवं अशरफी राम सचिव तथा श्रवण कुमार संगठन मंत्री झारखंड पेंशनर कल्याण समाज गढ़वा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि दिनांक 26 अक्टूबर 2022 को समाचार पत्र में प्रकाशित खबर 55 सेबा निवृत शिक्षकों से होगी राशि की वसूली शीर्षक पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इस प्रकार की करवाई नियम विरुद्ध होगी । आखिरकार इन सबको जो प्रोन्नति मिली है तो किसी न किसी आदेश के आलोक नहीं मिली होगी । प्रोन्नति देने वाले पदाधिकारी इसमें दोषी हो सकते है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार मयंक भूषण का कहना है कि कुल 55 सेवानिवृत्त शिक्षकों को नियम के विरुद्ध प्रोन्नति दो गई है ,जिसकी वसूली की करवाई की जा रही है ।
इस संदर्भ में झारखंड पेंशनर कल्याण समाज गढ़वा का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मियों को प्रोन्नति का लाभ तत्कालीन शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा दी गई है ।यदि इन सभी को अहर्ता प्राप्त नहीं था तो प्रोन्नति कैसे दी गई तथा इसके लिए जवाब दे कौन होगा । सको उच्चतम न्यायालय का निर्देश हैं कि सेवा निवृत्ति के बाद किसी प्रकार की राशि की वसूली की करवाई नहीं करनी है । पेंशन की राशि जीवन यापन के लिए एक सम्मान राशि के रुकने मिलती है । इस प्रोन्नति का लाभ लेने में पेंशनरों का कोई दोष नही है।इस के लिए देने वाला दोषी है।
अतः इस विषय को अनावश्यक रूप नही उछाला जाय,अन्यथा बाध्य होकर न्यायालय का शरण लिया जा सकता है।धन्यवाद सचिव , अध्यक्ष एवं संगठन मंत्री।