गढ़वा :
सांसद पलामू विष्णु दयाल राम ने नई दिल्ली में अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री, भारत सरकार से मुलाकात कर पलामू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे से जुड़ी परियोजनाओं एवं बंद पड़ी ट्रेनों का पुनः परिचालन करने का किया मांग।
रेल मंत्री को दिए मांग पत्र में श्री राम ने कहा कि पलामू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के लंबित रहने के कारण उस क्षेत्र के निवासियों को आवागमन में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एक परियोजना गया- शेरघाटी इमामगंज-डालटेनगंज रेलवे लाइन के निर्माण और दूसरी परियोजना बरवाडीह-चिरिमीरी अंबिकापुर तक रेल लाइन निर्माण से संबंधित है। दोनों रेल परियोजना में एक समानता है और वह है कई किलोमीटर तक दोनों परियोजनाओं में रेलवे लाइन का निर्माण हो चुका है।
इन दोनों रेल परियोजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च भी हो चुके हैं परंतु वर्षों से उस पर कार्य होना बंद हो गया है। इन दोनों रेल परियोजनाओं का पूर्ण कराने का कार्य करें जिससे न केवल मेरे क्षेत्र के निवासियों को आवागमन में सुविधा होगी बल्कि बिहार एवं छत्तीसगढ़ राज्यों के संबंधित जिलों के निवासियों को भी सुविधा होगी। साथ ही साथ नई दिल्ली रांची राजधानी एक्सप्रेस का नगर उंटारी (श्री बंशीधर नगर) स्टेशन पर स्टॉपेज, सासाराम रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस का मोहम्मदगंज स्टेशन पर स्टॉपेज, रांची वाराणसी इंटरसिटी का बरेली/लखनऊ तक विस्तार, शक्तिपुंज एक्सप्रेस का जबलपुर होते मुंबई तक विस्तार करने एवं बरकाकाना वाराणसी (बीडीएम) पैसेंजर ट्रेन संख्या-63557/63558 का पुनः परिचालन प्रारम्भ करने की मांग किया।
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के कारण बंद पड़ी कतिपय ट्रेनों का परिचालन प्रारम्भ हो गयी है, परन्तु लाइफ लाइन कहीं जाने वाली बरकाकाना वाराणसी (बीडीएम) पैसेंजर ट्रेन संख्या-63557/63558 का परिचालन प्रारम्भ नहीं हो सकी है। विदित है कि पलामू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत चियांकी स्टेशन लेकर कजरात नावाडीह स्टेशन तक लगभग 16 स्टेशनों को होकर चलने वाली उक्त ट्रेन का परिचालन नहीं होने के कारण यात्रियों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद ने बताया कि उपरोक्त मांगों पर माननीय रेल मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन देते हुए रेलवे परियोजनाओं का निर्माण यात्रियों के आवागमन में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए ट्रेनों का स्टॉपेज, विस्तार, एवं बंद पड़ी ट्रेनों का पुनः परिचालन से संबंधित अविलंब निर्णय करने की बात कही है।