बंशीधर नगर :
- स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर सोमवार को शोक सभा का आयोजन किया गया.इस अवसर पर विद्यालय के लोगों ने दो मिनट का मौन रख दीदी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
.इस अवसर पर स्व. लता दीदी के जीवनशैली व उनकी सादगी भरी जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्रधानाचार्य रविकांत पाठक ने कहां कि भले ही भारत की इस धरती पर अनेक सुर सम्राटों व साम्रज्ञियों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा है, लेकिन जो दरियादिली व आवाज लता जी की थी वैसा न किसी में हुआ और न कभी किसी में होगा। वे पंचतत्व में विलीन हो गई, लेकिन जब तक भारत या विश्व के लोग जीवित रहेंगे उनके दिलों पर वे हमेशा राज करेगी.उन्होंने कहा की 92 वर्ष में लता मंगेशकर अपने पूरे जीवन काल में लगभग तीस हजार से अधिक गीत, व एक हजार से ज्यादा फिल्मों में गायन की. इन्होंने अपने जीवन काल में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई शक्तियां एवं सम्मान प्राप्त किया. यह पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है.शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में विद्यालय के प्रधानाचार्य रविकांत पाठक, कौशलेंद्र झा, अविनाश कुमार, सुधीर प्रसाद श्रीवास्तव, नंदलाल पांडेय, विवेक सिंह, नागेंद्र राम, सतेंद्र प्रजापति, नीरज सिंह, पिंटू सिंह, अरुण चौधरी,नीति कुमारी,आरती कुमारी,दीपक सिंह,संध्या कुमारी,रंजना श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे.।