whatshotDeveloped by : O2OSELL.COM
💗 26469312
नूतन टीवी एप गूगल प्ले से इनस्टॉल करें । Get it on Google Play
Loading...


नेताओं की फितरत है बिजली सुधार के नाम पर झांसा देना

👁 874

access_time 04-06-2020, 12:52 PM


share
भागोडीह ग्रिड एवं शिलापट्ट की तस्वीर


विवेकानंद उपाध्याय
चैनल हेड, नूतन टीवी

गढ़वा: झारखंड के सीमांत पर स्थित गढ़वा जिला उत्तर प्रदेश बिहार तथा छत्तीसगढ़ जैसे 3 राज्यों की सीमा से घिरा हुआ है, बावजूद बिजली आपूर्ति के सवाल पर गढ़वा जिले के लोग दशकों से छले जा रहे हैं। खासकर राजनेताओं ने गढ़वा जिले के विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के खूब हसीन सपने समय-समय पर दिखलाए व हमदर्दी लूटी मगर अभी तक जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुई। बिजली संकट का वर्तमान हालात तो इतनी बदतर है कि लोगों को 24 घंटे में मुश्किल से 4 से 5 घंटे भी बिजली कि आपूर्ति जिला मुख्यालय गढ़वा जैसे शहर में ही नहीं हो पा रही है। ग्रामीण इलाकों में तो बिजली रानी की दर्शन ही दुर्लभ है। शुक्र है कि इस वर्ष रिहंद में पानी की किल्लत दूसरे वर्षों की तुलना में गर्मी के मौसम में कम हुई लिहाजा गर्मी के दिनों में रिहंद से मिलने वाली बिजली जो आधी से भी कम उत्पादन घटने के कारण विगत वर्षों में हो जाया करती थी, इस वर्ष ऐसा नहीं हो पाया, वरना बिजली का संकट वर्तमान से भी ज्यादा बदतर होती। गढ़वा को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ तथा बिहार से घिरे होने के पीछे चर्चा का मकसद है कि बिजली वितरण प्रणाली का संबंध उक्त तीनों राज्यों से पड़ोस में होने के कारण संभावना भी है, और बिहार और यूपी के रास्ते से ही गढ़वा को बिजली मिल भी रही है, लिहाजा इसका लाभ उठाकर ही हमारे नेताओं ने उक्त तीनों राज्यों से बिजली वितरण व्यवस्था को जोड़वाकर बिजली आपूर्ति में सुधार के वर्षों से खूब हसीन सपने दिखलाएं हैं, इस क्रम में यहां हम सबको याद होगा कि हटिया ग्रिड से बिजली वितरण व्यवस्था को जोड़कर पिछले तीन-चार दशकों से खासकर झारखंड को अलग होने के बाद से गढ़वा के लोगों को खूब सपना दिखलाया गया, कम से कम हमें भी 3 दशक के पत्रकारिता जीवन में दर्जनों मर्तबा ऐसे बयानवीर नेताओं के पत्रकार वार्ता में रूबरू होने का मौका मिल चुका है। मगर अब तक गढ़वा हटिया ग्रिड से जुड़ा और नहीं बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार हुई। यहां उल्लेखनीय है कि नगर उंटारी में बिजली संकट पर आक्रोशित लोगों ने जब एक बार भारी आंदोलन किया तो उन्हें तत्कालीन विधायक अनंत प्रताप देव ने छत्तीसगढ़ से बिजली वितरण प्रणाली व्यवस्था से जोड़कर आपूर्ति बहाल कराने का सपना दिखाया था, फिर बात चला भागोडीह ग्रीड का, तो इस ग्रिड के शिलान्यास के समय तो तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घोषणा ही कर दी थी कि यदि चुनाव से पूर्व तक गढ़वा में बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुई तो वे वोट मांगने नहीं आएंगे, बंशीधर नगर महोत्सव में आने के बाद उन्होंने अपने इस बयान को दोहराया भी था और तो और लोकसभा चुनाव से पहले पलामू के सांसद ने खूब डींग मारी तथा बरसात के मौसम पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा था कि कोयल नदी में हार्ड रौक के कारण बिजली के दो टावर नहीं तैयार हो पाए वरना भागोडीह से बिजली मिलने लगता, मगर बरसात बाद तुरंत टावर बनेगा और बिजली भागोडीह से मिलने लगेगा। लोकसभा चुनाव संपन्न हो गया केंद्र सरकार के 1 साल के कार्यकाल भी पूरा हो गए और पिछला बरसात तो क्या दूसरा बरसात का मौसम भी दस्तक दे चुका है, पर भागोडीह से बिजली नहीं मिली या यूं कहें कि भागोडीह ग्रिड चालू ही नहीं हो पाया। इसी बीच सांसद ने एक और शगुफा छोड़ दी कहा लहलहे ग्रिड से गढ़वा को बड़ी जल्दी बिजली मिलने लगेगी। इसके पहले ही गढ़वा के विधायक व मंत्री बोल चुके थे कि उनके कहने पर मुख्यमंत्री ने लहलहे ग्रिड से गढ़वा की बिजली आपूर्ति को जुड़वाने का काम शुरू कर दिया है। हाल के दिनों में सांसद ने भारी छलांग लगाई कहा, लहेलहे से अब बिजली गढ़वा को 14 -18 घंटे मिलेगा बिजली के लहलहे से जोड़ने के मुद्दे पर श्रेय लेने की होड़ में सांसद एवं मंत्री समर्थक भाजपा एवं झामुमो नेताओं की बयानबाजी से हाल के ही दिनों में पूरी तरह से हम सब रूबरू हुए हैं। पर अभी भी गढ़वा में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार तो नहीं ही हुआ है। हां अभी ताजा बयान भवनाथपुर के विधायक भानु जी का आया है। उसके अनुसार उन्होंने बिजली विभाग के निदेशक के के वर्मा से मुलाकात किया। मुलाकात के दौरान विधायक को श्री वर्मा ने भागोडीह ग्रीड को चालू करने में 5--6 सप्ताह और लगने की बात बताइ है। इसमें किसकी बात पर इत्तेफाक किया जाए यह कहने की जरूरत नहीं है। मगर वास्तविकता तो यही है कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के नाम पर गढ़वा जिले के उपभोक्ताओं को दशकों से यहां के राजनेता छलते आए हैं। देखना है इस पर विराम कब लगता है !
20200604-121513

20200604-121447


हमें यूट्यूब पे सब्सक्राइब करने के लिए Youtube लिखे लाल बटन को दबायें।





संबंधि‍त ख़बरें




Top 3 Trending Editorial :


#1

कोरोना संकट में जनता के बीच से गायब हैं, चुनावी नेता


access_time 28-05-2020, 12:49 AM

#2

जिंदगी की राह में भारी पड़ने लगा है लॉकडाउन


access_time 29-05-2020, 11:46 AM

#3

रोजगार नहीं मिलने से उत्पन्न हो सकती है अराजकता, मुँह बाए खड़ी है प्रवासी श्रमिकों के रोजगार का संकट


access_time 31-05-2020, 03:27 PM