दोनों पक्षों के 16 नामजद, 350 अज्ञात पर प्राथमिकी
गढ़वा : गढ़वा थाना क्षेत्र के लखना गांव में 12 अक्टूबर को मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न होने के मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एक प्राथमिकी में दोनों समुदायों के 16 नामजद और 350 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है, जबकि दूसरी प्राथमिकी गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक सह भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी और उनके 50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ दर्ज की गई है।
विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक तनाव:
12 अक्टूबर को दोपहर से लेकर देर रात तक लखना गांव में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान मुस्लिम टोले से होकर गुजरने वाले सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद हो गया था।
प्रतिमा के साथ जा रहे लोगों को मुस्लिम पक्ष के लोगों ने रास्ते पर जाने से रोक दिया, जिसके बाद आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की, लेकिन इस बीच पत्थरबाजी की घटना भी हो गई।
पथराव में कई लोग घायल:
पत्थरबाजी की घटना में लखना गांव के नसीर खान और परिहारा गांव के रोहित चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति को शांत करने के लिए उपायुक्त शेखर जमुआर और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडे ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर रात में मूर्ति विसर्जन संपन्न कराया।
दोनों पक्षों के 16 नामजद, 350 अज्ञात पर प्राथमिकी :
लखना गांव में हुए विवाद के मामले में पहली प्राथमिकी प्रखंड विकास पदाधिकारी गढ़वा कुमार नरेंद्र नारायण ने दर्ज कराई है।
इसमें
सोनू केसरी, डुमरिया गांव के धीरेंद्र तिवारी उर्फ गुड्डू तिवारी, पुलस्त तिवारी, ग्राम करूआ के चिंटू तिवारी, भीम शर्मा, रोहित चौहान, राजन तिवारी उर्फ अर्णव तिवारी, शाहिद रजा खान, मोहम्मद निशाद खान उर्फ छोटू खान, सद्दाम खान, मोहम्मद मनौवर खान, वहिद आलम खान, रईस खान, जुमेरा बीबी, बनपुरवा के राजा दुबे, इदरीश खान और 350 अज्ञात पर भड़काऊ नारेबाजी कर क्षेत्र में सौहार्द बिगाड़ने, पथराव कर जख्मी करने और सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया गया है।
पूर्व विधायक पर भीड़ को उकसाने का आरोप :
दूसरी प्राथमिकी गढ़वा के अंचल अधिकारी सफी आलम द्वारा पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और उनके 50 अज्ञात समर्थकों पर दर्ज कराई गई है।
आरोप है कि पूर्व विधायक ने निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद घटनास्थल पर पहुंचकर भड़काऊ भाषण दिए, जिससे भीड़ आक्रोशित हो गई। इसके अलावा, उन पर एक्स हैंडल पर भी भड़काऊ पोस्ट करने का आरोप है।
प्रशासन की सख्ती :
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए तेजी से कार्रवाई की है और दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।