मझिआंव : भीषण गर्मी, पिघलती हुई बिजली की तार और तपती दोपहर में जन सामान्य को बिजली आपूर्ति करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर निरंतर सेवा देते रहने वाले ऐसे बिजली कर्मचारियों को सलाम है।
जरा सी चुके तो सीधे जान जाने का जोखिम रहने के बावजूद भी 47 डिग्री तापमान पार में जल भूनकर शिद्दत से बिजली विभाग का एक कर्तव्यनिष्ठ सिपाही अपनी जिम्मेवारियों को समझते हुए काम करता है। और वह जानता एवं समझता है की जितनी जल्दी विद्युत अवरोध को ठीक करेगा, जन सामान्य को उतनी जल्दी भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
ऐसे अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मचारी बिना सुविधा व्यवस्था के सुचारू रूप से विद्युत को चलाने के लिए दिन रात काम करते रहते हैं।
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उसके बावजूद भी सैकडों लोगों के निरंतर ताने सुनने पड़ते हैं। हर बार सैकड़ो लोगों का फोन लाइट कब आएगी, कब गई, क्यों गई, कैसे गई, कितने देरी में चालू होगा, कुछ काम नहीं करते, फ्री का तनख्वाह ले रहे हो। प्रतिदिन इस तरह के ताने सुनने पड़ते हैं। सही मायने में ये ताने देने नही बल्कि सम्मान करने के योग्य है।