कांडी : भीषण गर्मी का प्रकोप मनुष्य सहित हर जीव-जन्तु व पशु-पक्षियों को भी झेलना पड़ रहा है। जल स्तर भी धरातल से अपना स्थान छोड़ चुका है। क्षेत्र में 46 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ तापमान 48 डिग्री तक पहुंच चुका था। फिलहाल शुक्रवार और शनिवार को तापमान में गिरावट देखी गई।
वहीं जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत 16 पंचायतों के विभिन्न गावों में पानी की समस्या से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पशुओं को पानी पिलाने के लिए लोगों को कई किलोमीटर दूर पानी लाने के लिए जाना पड़ रहा है।
हरिहरपुर गांव के सीताराम साह, अजय प्रजापति, दुर्गा राम, हरेंद्र राम, अवध रजवार, शिव चबूतरा, रामचंद्र राम, आंगनबाड़ी केंद्र, अमरनाथ राम, सुरेंद्र विश्वकर्मा, रामनाथ ठाकुर, राजेंद्र सिंह के घर के पास चापाकल पूर्ण रूप से खराब स्थिति में पड़ा है।
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जबकि दुर्गा मंडप के पास डगर व प्राथमिक विद्यालय में लगा जलमीनार मंत्र मुग्ध स्थिति में खड़ा है। न ही उक्त सभी चापाकल व जलमीनार एक बूंद पानी टपकाने में समर्थ है, बल्कि विकास का होना या न होना भी दर्शा रहा है। हालांकि चापाकल व जलमीनारों में सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च कर जनजीवन हेतु लगाया गया है, किंतु खराब स्थिति में पड़े सभी चापाकल व जलमीनारों की मरम्मत पदाधिकारीगण व जनप्रतिनिधियों द्वारा नहीं करवाया जा रहा है।
इधर प्रखंड के पदाधिकारी के द्वारा ठीक करने के लिए लोगों के प्रचार-प्रसार और हेल्पलाइन भी जारी किया गया। लेकिन वह भी कागज ही दिखाई दे रहा है और खोखला साबित हो रहा है। वहीं दारीदह गांव स्थित दुर्गा मंडप के पास लगा जलमीनार लगभग एक वर्ष से खराब पड़ा है।
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जबकी मंझिगावा पंचायत में श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर के प्रांगण में जलमिनार व चापकल भी खराब है।
वहीं कांडी-चौबे मंझिगावा मुख्य सड़क के किनारे संजय चौबे के घर के पास लगे जलमीनार के सभी सोलर पलेट फूट जाने के कारण उक्त जलमीनार एक बूंद भी पानी देने में आनाकानी कर रहा है। जबकि कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध सतबहिनी झरना तीर्थ व पर्यटन स्थल स्थित प्राचीन नीम के पेड़ के पास जलमीनार खराब पड़ा हुआ है। वहीं सरकोनी पंचायत के महुली गांव स्थित ईंट भट्ठा व, पतीला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास भी लगा चापाकल बहुत दिनों से खराब पड़ा है। वहीं बलियारी पंचायत के अमडीहा गांव स्थित ब्रह्म बाबा के पास लगा जलमीनार वर्षों से खराब स्थिति में पड़ा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस जलमीनार की सोलर प्लेट वर्षों पहले अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई थी।