गोमिया। गोमिया थाना अंतर्गत जमकडीह में 8 साल बाद एक नाबालिग बच्चे का अपने पिता और भाई-बहन के पास लौटने का मामला प्रकाश में आया है। लौटे बच्चे को उसके पिता सहित भाई बहनों ने उसे गले से लगा लिया।
मिली जानकारी के अनुसार गोमिया थाना अंतर्गत होसिर पूर्वी पंचायत के जमकडीह गांव निवासी दशरथ तुरी के नाबालिग बच्चे रोहन कुमार को वर्ष 2013 में उसकी मां गौरी देवी अपने साथ लेकर कहीं चली गई थी। लौटे नाबालिग की बड़ी बहन कुंती कुमारी ने बताया कि मेरी मां पिता दशरथ तुरी और हम तीन भाई बहनों को छोड़कर, मेरे सबसे छोटे भाई (उस समय) चार वर्षीय रोहन कुमार को लेकर घर छोड़कर चली गई थी।
लगभग 8 वर्ष बाद उक्त नाबालिग रोहन (12) पुनः मां को छोड़कर अपने पिता और भाई बहनों के पास भागकर वापस होसिर के जमकडीह गांव लौट आया है। पीछे-पीछे वापस उसे लेने उसकी मां गौरी देवी भी अपने पूर्व पति के घर पहुंची और बेटे को ले जाने की जिद में अड़ी है। जिस पर मंगलवार को जमकडीह गांव में इसे लेकर बहुत देर तक हंगामा होता रहा। बच्चे को अपने साथ रखने को लेकर अलग-अलग रह रहे माता-पिता के बीच विवाद गहराता देख ग्रामीण और प्रभारी मुखिया नंदू प्रजापति विवाद सुलझाने को लेकर बैठक कर रहें है।
"बता दें कि इन 8 वर्षों के दौरान अलग अलग रह रहे माता-पिता दोनों ने दूसरा विवाह भी कर लिया है।"
गौरी देवी द्वारा रोहन को वापस ले जाने के काफी प्रयास के बावजूद रोहन अपनी मां के साथ जाने से इंकार कर रहा है और अपने पिता दशरथ तुरी और भाई बहनों के साथ रहना चाहता है। वहीं नाबालिग बच्चे के पिता दशरथ तुरी ने बच्चे के वापस भागकर आने का कारण उसके सौतेले पिता द्वारा बच्चे के साथ मारपीट करना बताया है, बताया कि उससे बराबर करने के वह भागकर वापस अपने घर आया है। वहीं मां गौरी ने अपने वर्तमान पति का बचाव करते हुए उसे पढ़ा-लिखा शिक्षित व सामाजिक व्यक्ति बताया है, कहा कि रोहन नशे की जद में जाने से रोकने के लिए उसके कथित (सौतेले) पिता डांट फटकार लगाते हैं। जिस कारण बच्चा यहां आ गया है।
इधर गौरी देवी द्वारा नाबालिग बच्चे को समझा-बुझाकर साथ जाने के लिए प्रयासरत है, लेकिन बच्चा मां के साथ जाने से साफ इंकार कर रहा है। वहीं रोहन को उसके पिता दशरथ तुरी उसकी बड़ी बहन कुंती कुमारी सहित उसके परिजनों ने अपनाने की बात कही है।
बड़ी बहन कुंती कुमारी ने बताया कि हम लोग चार भाई बहन (क्रमशः कुंती कुमारी, राहुल कुमार, कोमल कुमारी, रोहन कुमार) थे। 2013 में मेरी मां मेरे सबसे छोटे भाई रोहन को जबरन लेकर कहीं चली गई थी। मेरे पिता द्वारा काफी समझाने के बाद भी वह न तो खुद आने को तैयार हुई न तो रोहन को लौटाया। आज आठ साल बाद मेरा भाई पुनः घर लौट आया है, हम सभी बहुत खुश हैं। मां गौरी देवी को भी यहीं जमकडीह में रहने की बात उसकी बड़ी बेटी कुंती ने कही, जिस पर वह नहीं मानी।
बहरहाल ग्राम प्रधान, ग्रामीणों और सामाजिक लोगों द्वारा महिला अथवा उसके पूर्व पति के बीच मान मनौव्वल की कोशिशें भी की जा रही है।