टोनी आलम, एएनएम न्यूज़,जामुडिया : जामुड़िया ब्लाक 1 कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की जन्म जयंती पालन कर श्रृद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विश्वनाथ यादव सदस्य पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कवि की बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक सिने कलाकार के साथ - साथ फौजी भी रह चुके थे। राजनीति उनका प्रिय विषय रहा है।वे आंसू कवि थे। त्वरित किसी भी विषय पर कविता लिखना उनका बाये हाथ का खेल था। वे एक अच्छे कहानीकार के साथ- साथ साहित्य अनुवाद भी किए। कवि के जीवन में संगीत कला का बहुत ही सुन्दर समागम था। वे हिन्दी, पारसी,अरबी भाषा के जानकार थे। सन 1960 ई. में भारत सरकार ने कवि नजरुल इस्लाम को पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।