place Current Pin : 822114
Loading...

पोंजी क्रिप्टो स्कीम के "मास्टरमाइंड" की मौत की खबर फर्जी

Copied Content : No Earning

location_on west bangal access_time 16-May-21, 06:52 PM

👁 121 | toll 0



1 2.0 star
Public

स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज़: जल्द अमीर बनने के लिए लोग नकली पोंजी क्रिप्टो स्कीम में निवेश करके लाखों भारतीयों ने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई को गवा दिया है, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया और केंद्र सरकार ने क्रिप्टो करेंसी को देश में गैरकानूनी बताया है और वित्तीय योजना सलाहकारों ने भी क्रिप्टो करेंसी अमान्य क़रार दिया है, लेकिन नकली और पोंजी क्रिप्टो करेंसी देश में आसानी से फल-फूल रही है और उसके आविष्कारक अपने शातिराना कार्य प्रणाली से देश भर में यह योजना चला रहे है ऐसा में एनफोर्समेंट एजेंसिया लगातार इनके खास मोडस ओपेरंडी पर नज़र बनाये हुए है। हाल के समय मे इस पोंजी और नकली क्रिप्टो करेंसी के खेल को उसका मास्टरमाइंड इस गोरखधंधे को अपने मौत की झूठी कहानी बनाकर आसानी से चला रहा है, आपको बता दें के इस नकली मौत की कहानी पोंजी धंधे के मास्टरमाइंड ने कोविड 19 के पहले लहर में ही बना लिया था और मौत की खबर फैलाने के बाद यह गोरखधंधा बिना रुके आसानी से अपने क्राइम पार्टनरों के साथ मिल किया जा रहा है लेकिन कुछ ही दिनों में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया को इनके द्वारा पोंजी क्रिप्टो स्कीम के ठगी के शिकार हुए कुछ लोगो से शिकायतें मिलने लगी। शिकायत मिलते ही पंजाब के डीजीपी को तुरंत हरकत में आने के लिए कहा है और इस पोंजी क्रिप्टो स्कीम को जिसे ईएसपीएन ग्लोबल संचालित कर रहा है उसपर तत्काल करवाई करने का आदेश दिया गया ताकि आम लोगो को इस अवैध धंदे का शिकार होने से बचाया जा सके, सूत्रों से जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस ने ईएसपीएन ग्लोबल और लिब्रा कॉइन (वर्चुअल करेंसी) के इस गोरखधंधे पर नकेल कसने के लिए साइबर सेल और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का भी गठन किया है। इंटरनेट युग आने से क्रिप्टो कर्रेंसी सबसे बड़ी तकनीकी सफलताओं में से एक कहा जाता है, यह एक विकेंद्रीकृत भुगतान प्रणाली है, जो कि किसी विश्वसनीय तृतीय पक्ष जैसे बैंक या वित्तीय संस्थान की आवश्यकता के बिना वेब पर एक दूसरे को मुद्रा भेजने की सुविधा देती है भारत में आरबीआई केंद्रीय वित्त मंत्रालय और सेबी ने लोगों को क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग के खिलाफ चेतावनी दी है वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वर्चुअल करेंसी भी लीगल टेंडर नहीं है इसलिए वी सी मुद्राएं नहीं है आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी इकाई या कंपनी को बिटकॉइन आशिकी वर्चुअल करेंसी के संचालन किया लेनदेन के लिए कोई लाइसेंस नहीं दिया है।




Post News & Earn


गूगल प्ले से डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें। Get it on Google Play