एएनएम न्यूज़, आसनसोल ब्यूरो : न्यायालय से ही सुलझते है मामले, मामला कैसा भी हो जनता न्यायालय का सहारा लेती ही है, क्यूंकि यही एक ऐसी जगह है जहाँ झूठ को हारना ही पड़ता है और सच की हमेशा जीत होती है। कहा जाता है ना, वक़्त लगता है पर न्यायालय फैसले की समीक्षा भी करता है। हम सब यह भी जानते है की न्याय की मूर्ति सच को तराजू पर तोलती है, और झूठ का पलड़ा कितना भी भारी क्यों न हो एक सच उसे तीतर-बीतर कर देता है। न्यायालय ही ऐसी जगह है जहाँ सभी मामलों की सुनवाई और फैसले होते है। न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट के साथ लोक अदालत की भी नीव पड़ी जहाँ मामले आसानी से सुलझाए जा सके।
इन्ही सबको देखते हुए आज शनिवार को पश्चिम बर्धमान कानूनी सेवा प्राधिकरण ने, आसनसोल कोर्ट कंपाउंड में लोक अदालत का आयोजन किया था। इस अदालत में इच्छुक पक्षों द्वारा दायर याचिका और आवेदन पर 1103 मामले थे और एलडी की अध्यक्षता में 3 बेंचों के बीच वितरित किए गए थे। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश श्री मनोज कुमार प्रसाद, एल.डी. शरण्य सेन प्रसाद और एल.डी. अभिषेक मन्ना, मजिस्ट्रेट 6th जेएम, आसनसोल। न्यायालय के इस कार्यात्मक फैसलों में कुल 380 मामलों का निपटारा किया गया। जिसमे 26 मोटर दुर्घटना दावा मामले, 22 प्रीलिटिगेशन मामले, 316 एनजीआर मामले और 12 मोटर वाहन मामले सुलझाए गए। आज आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में बोलते हुए, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि, पश्चिम बर्धमान श्रीमती लीला लामा ने जानकारी दी कि आसनसोल और दुर्गापुर कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन भारतीय स्टेट बैंक, जिला बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज, बीएसएनएल और एसबीआई कार्ड और भुगतान ने शिविर में भाग लिया। शिविर में एडवोकेट आलोक चटर्जी, पवन यादव और संजय कुमार शर्मा के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अनुराधा मल्लाह सारा, झरना बनर्जी और सोमा चटर्जी सदस्य थीं। सौम्यजीत मुखर्जी, आशीष चक्रवर्ती और गौतम ने शिविर की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।