एएनएम न्यूज़, डेस्क : केदारनाथ की याद आठ साल पहले उत्तराखंड में लौट आई है उत्तराखंड ने अभी तक तबाही की भयावहता को दूर नहीं किया है गरवाल विश्वविद्यालय के भूविज्ञानी डॉ नरेश राणा ने इस मौसम में आसन्न खतरे की चेतावनी दी। वह कहते हैं कि उत्तराखंड में एक से अधिक बाढ़ की प्रतीक्षा की जा रही है
डॉ राणा ने मौके पर खड़े होकर एक वीडियो पोस्ट किया वह कहते हैं, बर्फबारी के कारण चमोली की ऋषि गंगा में रुकावट देखी जा रही है जो किसी भी क्षण टूट सकता था और अधिक बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता था इसका असर क्षेत्र में चल रहे बचाव कार्यों पर भी पड़ सकता है। रनर के आवेदन प्राधिकरण को तुरंत इस झील की वास्तविक लंबाई पर एक सर्वेक्षण करना चाहिए।