कभी बिहार में 33 चीनी मिलें हुआ करती थी लेकिन आज बिहार में सिर्फ 11 मिलें ही बची है। एक समय बिहार देश का 40 फीसदी गन्ना अकेले ही पैदा किया करता था लेकिन अब यह आंकड़ा सिर्फ 3.20 फीसदी पर आकर सिमट गया है। चीनी मिलों के बंद होने से गन्ना किसानों के अलावा वहां काम करने वाले कामगार भी प्रभावित हुए। रोजगार के चले जाने से उनकी जिंदगी भी काफी कठिन हो गयी है।