टोनी आलम, एएनएम न्यूज़: हमारे आसपास ऐसे कई लोग है जो दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। हाल ही में हमने लाउदोहा के जामगड़ा मे कुछ लोगों के बारे मे हमारे दर्शकों को बताया था जो काफी दिक्कतो का सामना कर अपना घर चलाते हैं। यह वह परिवार है जो कीचड़ मे अपने लिए रोटी की तलाश करते हैं। जी हां यह लोग कोयले के कीचड़ से छोटे छोटे गोले बनाते है और उनको इंधन के रुप मे इस्तेमाल करते हैं। इनके घर सरकारी गैस से उज्जवल नही है । यह मूलत आदिवासी समाज के लोग है जिनको इस कदर संघर्ष कर अपनी जिंदगी गुजारनी पड़ रही है। जब हमने इस खबर को प्रमुखता के साथ प्रसारित किया तो पांडवेश्वर इलाके के एक सामाजिक संगठन आशार आलो के सदस्यगण इस खबर को देखकर खुद को इनकी मदद करने से रोक नही पाए। आज संगठन के अध्यक्ष शुभजित चैटर्जी के नेतृत्व मे आशार आलो के सदस्यो ने इन आदिवासियों को चावल दाल आलु सोयाबीन तेल आदि रोजमर्रा की चीजें दी। इस मौके पर शुभजित चैटर्जी ने कहा कि मीडिया में इस खबर को देखते ही इनके मन मे इन गरीब आदिवासी समाज के लोगों के लिए कुछ सार्थक करने का मन हुया और आज वह इनकी यथासंभव मदद करने आए हैं। उन्होंने कहा कि आशार आलो के जरिए वह पांडवेश्वर और आसपास के इलाकों मे लोगों की मदद कर रहे हैं।