डॉ. मंजू डागर, एएनएम न्यूज़, आयरलैंड: दुनिया भर की सरकारें और सभी अंतर्राष्ट्रीय मंच न केवल महिला सुरक्षा की बात ही करते हैं बल्कि बड़े -बड़े कानून भी बनाते हैं लेकिन क्या सच में कोई महिला कहीं सुरक्षित हैं ? साल 2016 में बीबीसी ने जिस सोशल एक्टिविस्ट करीमा बलोच को 100 सबसे प्रेरणादायक और प्रभावशाली महिलाओं में चुना था आज उसकी मौत पर हर तरफ खामोशी है क्यों ?? क्या किसी ने महिला शिक्षा के अधिकारों की बात करने वाली नोबल शान्ति पुरस्कार प्राप्त पाकिस्तान की मलाला युसुफ़जई की तरफ से आये किसी बयान को देखा है कि उन्होंने भी कहीं करीमा बलोच की हत्या पर कोई मुखर आवाज उठाई हो तब सांझा कीजियेगा मुझसे आखिर दुनिया में उनकी कही गई हर बात को ध्यान से सुना जाता है तब उन्होंने जरूर कहीं तो कुछ कहा या लिखा होगा ? करीमा कनाडा में रिफुजी के तौर पर रह रही थी और अभी तक पाकिस्तान नागरिक थी क्योंकि बलूचिस्तान पाकिस्तान द्वारा कब्जाया हुआ एरिया है ऐसे में क्या प्रधानमंत्री इमरान खान नियाज़ी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो से इसकी जाँच करने को कुछ कहा या कोई पत्र लिखा ? क्यों नहीं कहा या लिखा ये आप खुद ही सोचिये ? अरे एक टवीट ही कर देते हमारे भारत और प्रधानमंत्री के खिलाफ तो बड़े टवीट करते रहते हैं और उनके अनुसार बलूचिस्तान तो उनका अपना है फिर वो नागरिक भी तो उनकी हुई। जवाबदेही मांगना बनता है लेकिन कहते हैं न चोर -चोर मौसेरे भाई तब ये कहावत कनाडा और पाकिस्तान पर सही बैठती है।
बलूचों की जिन्दगी पाकिस्तान में तो महफ़ूज है ही नहीं लेकिन सच जानते हुए भी कि वो यहाँ कनाडा में सुरक्षा लेने के लिए ही आई थी कनाडा सरकार ने रिफ़्यूजी के तौर पर रह रही सोशल एक्टिविस्ट करीमा बलूच को कोई भी सुरक्षा नहीं दी और उसका नतीजा उनकी हत्या या मौत के रूप में आज हमारे सामने है। कनाडा सरकार का यही दोगलापन एक दिन इनको भारी पड़ेगा जोकि कैनेडियन सिटीजन्स के लिए सही नहीं है। सियासी रंग में रंगा हर मामला आम जनता के लिए घातक ही होता है और वही आजकल हर देश में हो रहा है लेकिन कुछ देश अभी भी अपवाद हैं जो अपनी जनता की सुरक्षा पहले देखते हैं।
करीमा बलोच की हत्या या मौत के बारे में जब हमने अपने सहयोगी कराची के एक्स मेयर आरिफ़ अजिन्किया जी से बात कि तब उन्होंने भी बताया कि - " कनाडा में ये पहली हत्या है सच बोलने वालो की आवाज दबाने के लिए लेकिन यहाँ इंग्लैंड में भी कोई सुरक्षित नहीं हैं। मैं खुद पाकिस्तान के कराची शहर का एक्स मेयर यहाँ असाइलम लेकर रह रहा हूँ और न ही जाने कितनी बार मुझ को भी मौत की धमकियां मिलती रहती हैं लेकिन मेरा सच को उजागर करने का जज्बा आज तक कम नहीं हुआ है "। यहाँ उन्होंने एक टवीट का हवाला देकर ये भी बताया कि मीर मोहम्मद अलीखान नामक व्यक्ति तो अपनी टवीट पर लिखता है कि करीमा बलोच की हत्या तो भारतीय रॉ ने करवाई है। वो टवीट भी उन्होंने हमसे साँझा की है जिसको मैं आप सब से यहाँ कमेंट सेक्शन में सांझा कर रहीं हूँ। उन्होंने आगे बताया कि तहा सिद्दीकी नामक व्यक्ति ने अपनी टवीट में लिखा भी है कि Bozkurtlar - A Turkish assassin group है जो कि 2018 के बाद से, इस पाकिस्तान के एक हत्यारे समूह - पाकिस्तान बूज़र्कर्टलर - के बारे में बात कर रहा है, जो विदेश में पाकिस्तान सरकार और सेना की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज बुलन्द कर रहा है उनको मारने के लिए सार्वजनिक रूप से इस तरह के डेथ स्क्वॉड बनाने का सुझाव जनरल गफूर को दिया गया था हालांकि बाद में उस टवीट को डिलीट कर दिया गया था।