मझिआंव : जिले में पहली बार किसी आवासीय मकान को जैक से उपर उठाने का मामला प्रकाश में आया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। मझिआंव प्रखंड में सोनपुरवा पंचायत के सोनपुरवा गांव स्थित वार्ड नंबर नौ में बरसात के दोनों में घर में पानी घुसने की समस्या आम हो गई है। हर वर्ष इस तरह की समस्या देखने को मिल रही थी। इसी तरह की परेशानी से जूझ रहे एक घर के मालिक बरकत अली खान ने इससे निजात पाने के लिए ऐसा तरकीब निकाला जो किसी ने सोचा भी नहीं था। बरकत अली खान ने बताया कि उन्होंने घर पानी में न डूबे इसे लेकर कई तरीकों पर विचार किया। इसके बाद ऑनलाइन सर्च में मकान को जक से ऊंचा उठाने की तकनीकी देखी। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के अंशुल कांट्रेक्टर से संपर्क कर उसे अपनी घर की समस्या से उन्हें अवगत कराया।
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इसके बाद कांट्रेक्टर ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मकान को बिना किसी क्षति पहुंचाए ऊपर उठा दिया जाएगा। इसके बाद मकान मालिक द्वारा सहमति प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि पुरानी सड़क पर नई सड़क बनाने की वजह से सड़क की ऊंचाई लगातार बढ़ रही है। इसके बाद मकान मालिक और कांट्रेक्टर के बीच मकान उठाने की सहमति बनी। मकान मालिक द्वारा बनाए गए 50 फीट बाई 50 फीट क्षेत्रफल वाले एक मंजिला पक्का के मकान जिसमें 10 कमरा तथा दो बरामदा है। अंशुल कांट्रेक्टर के कर्मी बेहद सावधानी और कार्य कुशलता से पहले प्लिंथ बीम पर ही दीवारें थी, उस एक मंजिला पक्के का मकान को चारों तरफ से जैक लगाकर जमीन के सतह से चार फीट तक उठाया गया है। इसके लिए प्रति जक 50 टन क्षमता वहन के आधार पर 200 जैक को लगाया गया है।
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इसके बाद मकान को ऊपर उठाया गया है। अब इंट, सीमेंट और बालू से उस खाली जगह को भरने का काम किया जाएगा।
बरकत अली खान ने बताया कि सवा महीने के एग्रीमेंट पर कार्य चालू करवाया गया है। इसके लिए चार लाख रुपए लागत से एग्रीमेंट किया गया है। लगभग एक माह हो चला है। उन्होंने बताया कि अगर थोड़ी सी बारिश हो जाती तो मेरे घर में पानी घुस जाया करता रहता था। तब वे तकनीकी विधि से मकान उठाने की प्रक्रिया अपनाई। उन्होंने कहा कि अब समस्याएं से निजात मिलेगी। इधर अंशुल कांट्रेक्टर ने बताया कि मकान को मैं जिधर चाहूंगा उधर घुमाने की मैं क्षमता रखता हूं। जो जैक के माध्यम से तकनीकी विधि से कार्य करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल 200 जैक मकान में लगाया गया है।
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इसके लिए लगभग 40 कुशल कर्मी काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह तकनीकी पुराने मकानों को ऊपर उठाने में नई तकनीकी के सहारे जिस तरह मोटर वाहन को जैक से उठाया जाता है। तकरीबन उसी पद्धति से कई सारे जैकों के माध्यम से मकानों को ऊंचा ऊपर उठाए जा सकता है। उन्होंने कहा कि मकान की मंजिलों के हिसाब से जैक लगाने की राशि बढ़ती चली जाती है। उन्होंने कहा कि लिफ्ट करने के साथ-साथ मकान मालिक के मुताबिक मकान को दूसरे जगह पर शिफ्ट भी किया जा सकता है।