गढ़वा :
रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के छात्र सामाजिक नैतिकवान और चरित्रवान होकर जन आकांक्षाओं के अनुरूप समाज का दायित्व निर्वहन करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त करें तभी विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य की पूर्ति होगा उक्त बातें आज विश्रामपुर में रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा मापदंड स्थापित करें कि इससे दूसरे विश्वविद्यालय भी प्रेरणा हासिल कर सके ।महामहिम राज्यपाल ने कहा कि यहां से पढ़ने वाले छात्र विश्वविद्यालय का नाम रौशन कर सकें इस दिशा में निरंतर प्रयास होनी चाहिए ।
यहां से छात्र सच्चे मन से ज्ञान हासिल कर सामाजिक सामाजिक दायित्व का निर्वहन तो करे ही साथ ही दूसरों के कल्याण के काम भी करें कभी खुशी की बात होगी ।राज्यपाल श्री बैस ने कहा कि खुशी की बात है कि यहां मेडिकल की शिक्षा भी शुरू किया गया है यह संस्थान देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में विशिष्ट स्थान प्राप्त करें एवं यहां के छात्र उच्च कोटि का चिकित्सक प्राप्त कर समाज को चिकित्सा के क्षेत्र में प्रतिष्ठा स्थापित करें इस दिशा में निरंतर प्रयास होनी चाहिए।
महामहिम राज्यपाल ने कहा की आदरणीय मोदी जी ने निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की स्थापना का इसलिए द्वार खोला है कि ऐसे विश्वविद्यालय छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे तो इससे प्रतिस्पर्धा की भावना भी बढ़ेगी ।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लोगों को बहुत परिश्रम करने की आवश्यकता है तभी विश्वविद्यालय जन आकांक्षाओं के अनुरूप समाज की अपेक्षा को पूरा कर पाएगा ।महामहिम राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय यूजीसी के मापदंड के अनुरूप बेहतर शिक्षा प्रदान करें इसी उद्देश्य से प्रयास होनी चाहिए ।उन्होंने उपाधि हासिल करने वाले छात्रों से कहा कि वे समाज को सही दिशा देने में अपनी भूमिका निभा सके यह उनकी कोशिश होनी चाहिए। साथ ही उनके आचरण से दूसरे छात्र भी प्रेरणा लें ऐसी उनकी कोशिश होनी चाहिए।
महामहिम राज्यपाल रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह के मंच पर पहुंचे तो उनका स्वागत विश्वविद्यालय के चेयरमैन रामचंद्र चंद्रवंशी तथा चांसलर डॉक्टर सागर चंद्रवंशी ने पुष्प भेंट कर किया।
स्वागत भाषण में डॉक्टर ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने कहा कि 19 सितंबर 2018 को स्थापित रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय में फिलहाल 8000 विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जहां पर मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई ही शुरू हो चुकी है तथा भविष्य में होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा की अध्ययन की भी व्यवस्था किया जाना है।
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जबकि इस मौके पर विश्रामपुर के विधायक तथा रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि अपनी मां से प्रेरणा ग्रहण कर उग्रवाद प्रभावित इस पिछड़े इलाके में जहां नक्सलवाद की समस्या थी, कांडी में एक कन्या विद्यालय से शिक्षा के क्षेत्र में काम करना शुरू किया था उन्होंने कहा कि तभी से वे निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में काम करते आ रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि इसका परिणाम है कि वर्तमान में बिश्रामपुर क्षेत्र का कोई ऐसा गांव नहीं है जहां के घर के लोग शिक्षा ग्रहण कर नौकरी के क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने महामहिम राज्यपाल से विश्रामपुर को अनुमंडल का दर्जा दिलाने का मांग किया। दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल ने यू जी एवं पीजी के छात्रों के बीच गोल्ड मेडल एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया। महामहिम राज्यपाल के आगमन पर विश्वविद्यालय की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया तथा एक शोभायात्रा भी विश्वविद्यालय परिसर से निकाली गई।